बिसाहडा कांड के बाद से लेकर मथुरा की फॉरेंसिंक लैंब से आई रिपोर्ट तक गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवार के लोग गांव के लोगों के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं। लेकिन सुरक्षा को लेकर दबी जुबान से गांव के लोगों का भरपूर सहयोग ओर हर दुख सुख में साथ देने की बात करते हैं।
मस्जिद के ईमाम ने भाई चारे के लिए तथा सुरक्षा पर हिन्दू समाज पर पूरा भरोसा जताया। बिसाहड़ा गांव में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए मस्जिद बनवा कर धर्म के प्रति आस्था जताई थी ।
कई पीढी से दोनों समाज के लोग एक दूसरे के त्यौहारों पर घरों पर आना जाना आम बात थी। महिला वकीला का कहना है कि इकलाख व अन्य मुसलमान समुदाय के लोग तो हिन्दूओं के यहां शादी समारोह में मिल-जुलकर एक दूसरे का सहयोग करते थे।