पांडव नगर में दिनदहाड़े गोली चलाकर कैश वैन से 10 लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोच लिया। इनके पास से लूटे गए 9.48 लाख रुपये सहित वारदात में इस्तेमाल एक पिस्टल, तमंचा, चोरी की बाइक व कार बरामद की गई है। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद हरिद्वार, देहरादून और मसूरी घूमने चले गए थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े।
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पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि 19 दिसंबर को ब्रिंकस सिक्योरिटी कंपनी की कैश वैन पांडव नगर स्थित एसबीआई के एटीएम में कैश डालने आई थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली चलाकर कैश वैन से 10 लाख रुपयों से भरा ब्रीफकेस लूट लिया था। इस मामले में लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टॉफ ने छानबीन शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के अलावा जनकपुरी हेड ऑफिस से चली वैन के रास्ते में पड़ने वाली दर्जनों जगहों सीसीटीवी फुटेज जुटाई। इसके जरिये बदमाशों की पहचान हुई। पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाला गैंग क्रॉस रीवर मॉल, आनंद विहार के पास एसेंट कार से आने वाला है। सूचना के बाद आरोपियों को दबोच लिया गया।
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दस लाख रुपये में से 52 हजार रुपये खाने-पीने में खर्च कर दिए।
बरामद रकम
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की पहचान ऊना, हिमाचल प्रदेश निवासी सन्नी शर्मा (22), ब्रहृमपुरी, मेरठ निवासी रोहित नागर (19) और रोहतक निवासी बिट्टू (29) के रूप में हुई है। इन्होंने खुलासा किया कि लूट के बाद वह घूमने के लिए हरिद्वार, देहरादून और मसूरी चले गए थे। वहां इन लोगों ने दस लाख रुपये में से 52 हजार रुपये खाने-पीने में खर्च कर दिए। बाकी रुपये वह पकड़े जाने के डर से खर्च नहीं कर पाए। पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
आरोपियों ने खुलासा किया कि तीनों करावल नगर में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। सन्नी और बिट्टू पेशे से ड्राइवर है। सन्नी ने बताया कि नोटबंदी के बाद उसने कई कैश वैन को देखा था। वैन में चार से पांच आदमी ही होते थे। ऐसे में उसने लूट की योजना बनाई। इसमें रोहित व बिट्टू को भी शामिल किया। बिट्टू प्रीत विहार इलाके में बीएसईएस में ड्राइवर है।
उसे कैश वैन की रेकी की जिम्मेदारी दी गई। लूट के लिए ब्रिंकस कंपनी की वैन को चुना गया। वारदात को अंजाम देने के लिए 17 दिसंबर को कश्मीरी गेट से एक बाइक चुराई गई। इसके बाद पिस्टल व तमंचे का इंतजाम किया गया। बाइक की नंबर प्लेट बदलकर 19 दिसंबर को वारदात को अंजाम दे दिया गया।
बिट्टू ने खुलासा किया कि घटना वाले दिन वह पल्सर बाइक को चला रहा था। लूटपाट के बाद वह मधु विहार स्थित सिंगला स्वीट्स पहुंचा। वहां उसने सन्नी और रोहित को ब्रीफकेस समेत उतार दिया।
दोनों टीएसआर लेकर झिलमिल इलाके में पहुंच गए। वहीं बिट्टू ने बाइक को हसनपुर डिपो के पास छोड़ दिया। इसके बाद वह वापस प्रीत विहार अपने दफ्तर पहुंचा। बाद में विवेक विहार इलाके में झिलमिल रेलवे लाइन के पास तीनों ने अपना-अपना हिस्सा बांट लिया। इसके बाद तीनों पकड़े जाने के डर से हरिद्वार भाग गए।
सन्नी ने खुलासा किया कि रेकी करने के बाद प्रीत विहार स्थित लक्ष्मीदीप बिल्डिंग के पास कैश वैन का इंतजार किया गया। ब्रिंकस सिक्योरिटी की कैश वैन 12.30 बजे वहां कॉरपोरेशन बैंक के एटीएम में कैश डालने पहुंची।
भीड़ अधिक होने के कारण वहां वारदात को अंजाम नहीं दिया गया। इसी तरह निर्माण विहार और शकरपुर में भी एटीएम के पास भीड़ की वजह से वैन को नहीं लूटा सका। शकरपुर में कैश के इंतजार में भीड़ पहले से खड़ी हुई थी। पांडव नगर में एटीएम 15 दिनों से खराब था, इसलिए वहां भीड़ नहीं थी। इसलिए आरोपियों ने वहां पर आराम से लूट को अंजाम दे दिया।