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व्यापारी से 60 लाख की ठगी, अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार

Mon, 12 Jun 2017 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली निवासी एक व्यापारी से दालों की खेप देने के नाम पर साउथ अफ्रीका के साइबर अपराधियों ने 60 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत के बाद भारत में डील करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी 2008 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद मुंबई में ही रह गया। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी के 60 लाख रुपये भी साउथ अफ्रीका के बैंक में फ्रीज करा दिए हैं। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस दूतावास से संपर्क करेगी।
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एसपी सिटी अरुण सिंह ने बताया कि  दिल्ली के गगन विहार निवासी राजकुमार आनंद ने 30 अप्रैल को एक ट्वीट डीआईजी को किया था। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी एक कंपनी मेसर्स साईं क्रिएसंस सेक्टर-63 में भी है। उनका कपड़ों का आयात-निर्यात का कारोबार है। उनके बेटे राहुल आनंद ने कृषि पर आधारित व्यापार करने की योजना बनाई। उन्होंने साउथ अफ्रीका में हायका ग्रुप ट्रेड लिमिटेड से संपर्क किया।

 कंपनी की ओर से मसूर, मूंग और चने आदि की दाल भारत मंगाने के लिए बात हुई थी। इसमें साउथ अफ्रीका की ओर से कंपनी के रीजनल अफसर स्टीवन रेमंड, ओलीवर जायको समेत तीन लोगों से बात हुई। उन्होंने एग्रीमेंट के लिए दस्तावेज भेजे तो ऑनलाइन ही एग्रीमेंट हो गया। वहां से फिर दस्तावेज पूरे करके राजकुमार आनंद के पास भेज दिए। यह प्रक्रिया मार्च 2017 से चल रही थी और एग्रीमेंट के बाद 86500 डॉलर (60 लाख रुपये) दिए जा चुके थे। जो साउथ अफ्रीका के जोहांसबर्ग एफएनबी बैंक में जमा किए थे।
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आरोपी स्टीवन रेमंड ने भारत में रहने वाले चार्ल्स नेमिका उर्फ डेवोन का नंबर व मेल आईडी देकर बताया कि दाल की डिलीवरी वही करेगा। 3 मई को 2000 मीट्रिक टन दाल मुंबई में पानी के जहाज से आना था, लेकिन तय समय पर नहीं आया। साथ ही जब कागज दिखाए तो बंदरगाह पर जाकर पता चला कि कागज फर्जी है और उनके साथ धोखा हो गया। मगर पीड़ितों ने साउथ अफ्रीका के धोखेबाजों से संपर्क साधे रखा और किसी तरह की भनक नहीं लगने दी कि उनको इस फ्रॉड की जानकारी लग गई है। एक बार फिर आरोपियों की ओर से 8 लाख रुपये की मांग की गई। मगर इस बार पीड़ितों ने  बहाना बना दिया। 30 मई को ट्विटर से शिकायत के बाद फेस-थ्री कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। 

साइबर सेल के प्रभारी विवेक रंजन राय और नरेंद्र कुमार को इसके लिए लगाया गया। वह अपनी टीम के साथ कई दिन तक इस पूरे प्रकरण में लगे रहे और 8 मई को मुंबई से आरोपी चार्ल्स नेमिका उर्फ डेवोन को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोपी को मुंबई कोर्ट में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया। 

पूछताछ के बाद राजकुमार आनंद के ठगे गए 60 लाख रुपये को फ्रीज करा दिया गया। आरोपी से 2 लेपटॉप, 3 मोबाइल, 8 सिम और इंटरनेट डोंगल आदि बरामद किए गए। पकड़े गए आरोपी ने बताया कि वह 2008 से यह काम करता है। वह कंपनी का कर्मचारी है और उसका बॉस रेमंड सहित एक अन्य है। इस पूरे गैंग में 10 से अधिक लोग हैं। इनमें और लोग भी बिना वीजा भारत में रह रहे हैं। 

अफ्रीका से दाल के सैंपल भी भेजे गए थे
साइबर सेल के अफसरों ने बताया कि राजकुमार आनंद और उनका बेटा राहुल आनंद दोनों कपड़े का व्यापार करते हैं और उनका 10 से अधिक देशों में आयात-निर्यात का कारोबार है। साउथ अफ्रीका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से प्रेरित होकर राहुल आनंद ने कृषि आधारित कारोबार करने की योजना बनाई थी। साउथ अफ्रीका की ओर से दाल के सैंपल भेजे गए जो काफी अच्छी गुणवत्ता के थे और काफी सस्ता भी था। जिसके कारण उन्होंने करीब साढे़ चार करोड़ रुपये का माल मंगाने का आर्डर दिया था।
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