बरेली के अधिवक्ता सुधीर कुमार की रहस्यमय हालात में मौत हो गई है। रविवार रात घंटाघर पुलिस चौकी के पास उनका शव मिला। नगर कोतवाली पुलिस का दावा है कि अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
एसएचओ धीरेंद्र यादव ने बताया कि अधिवक्ता सुधीर बरेली के इज्जतनगर थानाक्षेत्र में गायत्री नगर के रहने वाले थे। उनके पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर थे। 4 दिन पहले वह बरेली से गाजियाबाद आए थे। वे होटल में रुके हुए थे।
रविवार रात घंटाघर पुलिस चौकी के पास सुधीर को लहूलुहान हालत में पड़ा देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उन्हें जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टराें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने सूचना मृतक के परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे। जांच अधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की मौत सड़क हादसे में हुई है। वह सड़क क्रास करते हुए अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए।
नाम बदलकर होटल में किया कमरा बुक
पुलिस ने बताया कि परिजनों ने तहरीर में लिखा है कि 17 दिसंबर से सुधीर होटल में रिषी देव सिंह के नाम से कमरा बुक करके रुके थे। होटल में सुधीर से मिलने एक युवक आता था, उसका नाम भी परिजनों ने तहरीर में लिखा है।
मोबाइल चोरी की तहरीर से हुई पहचान
तीन दिन पहले सुधीर का मोबाइल गायब हो गया था। सुधीर ने तहरीर कविनगर थाने में दी थी, जिसमें मोबाइल गायब हो जाने और एक व्यक्ति पर मोबाइल गायब करने का शक जाहिर किया था।
इस तहरीर की एक प्रतिलिपि सुधीर की जेब से मिली है। तहरीर पर संपर्क के लिए लिखे गए नंबर पर पुलिस ने कॉल की तो सुधीर के परिजनों से बात हुई।
क्यों आए थे गाजियाबाद
सुधीर गाजियाबाद क्यों आए थे, यह साफ नहीं हो सका है। पुलिस को इस बारे में जानकारी नहीं है। पुलिस परिजनों से जानकारी करेगी।