नोएडा के पॉश सेक्टर-39 के ई-59 निवासी रीयल एस्टेट कारोबारी अजय खुराना के घर में घुसकर व्यावसायिक दोस्त राजेश जॉली द्वारा की गई गोलीबारी के पीछे पुलिस व्यावसायिक कटुता को वजह मान रही है।
साथ ही, पुलिस का मानना है कि गोलीबारी के बाद आरोपी ने जिस तरह खुद को कमरे में बंद कर घायल किया, उससे प्रतीत हो रहा कि उसकी योजना सभी की हत्या के बाद खुदकुशी करने की थी। शुक्र है कि हमलावर की पिस्टल में गोली फंस गई और घर के बाकी सदस्यों की जान बच गई।
थाना सेक्टर-39 पुलिस को राजेश जॉली के पास से दो अवैध पिस्टल, 40 कारतूस, पांच खोखे, खुखरी, सर्जिकल ब्लेड और रस्सी बरामद हुई है। मामले में पुलिस ने अजय के बड़े बेटे अमित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी तीन दिन से अजय के परिवार पर हमले की साजिश रच रहा था।
राजेश तीन दिन से बाइक का इंतजाम कर रहा था
firing in noida
इनके व्यावसायिक दोस्तों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि राजेश तीन दिन से बाइक का इंतजाम कर रहा था। इसके अलावा वह तीन दिन से एक ही कार्गो पहनकर घूम रहा था।
मंगलवार रात को भी उसे अजय के ऑफिस के बाहर घूमते हुए देखा गया था। उसने शर्ट बाहर कर रखी थी। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि राजेश ने कमर में पिस्टल व अन्य हथियार छिपा रखे थे।
मंगलवार रात करीब सवा दस बजे राजेश टीवीएस विक्टर बाइक (डीएल 3 एसएएस 1148) से नोएडा सेक्टर-39 में अजय खुराना के घर पहुंचा। उसने मुख्य गेट पर लगी घंटी बजाई।
अजय का नौकर राजू गेट खोलने आया तो राजेेश ने उसे मुख्य गेट पर ही पेट में खुखरी मार दी। जान बचाने के लिए राजू घर से बाहर भागा तो राजेश ने पिस्टल से उस पर गोली चला दी जो कूल्हे में लगी।
एक गोली अंकुश के सिर में पीछे से लगी और आंख से बाहर निकल गई
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राजू घायल होकर घर के सामने पार्क में जा गिरा। इसके बाद राजेश अंदर घुसा और खाना खा रहे अजय के छोटे बेटे अंकुश और उनकी पत्नी अंजू खुराना पर गोली चला दी। एक गोली अंकुश के सिर में पीछे से लगी और आंख से बाहर निकल गई।
उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी गोली अंजू के सीने में लगी और वह गिर पड़ीं। मंगलवार रात इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। नौकर राजू और हमलावर राजेश की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद एसएसपी धर्मेंद्र सिंह, एसपी सिटी दिनेश यादव व एएसपी गौरव ग्रोवर ने अजय खुराना के घर का मुआयना किया। एसएसपी ने घर को बंद करा, फॉरेंसिक टीम द्वारा नमूने एकत्र कराने के निर्देश दिए।
फॉरेंसिक टीम के आने तक पुलिस ने परिजन को भी घर में नहीं घुसने दिया। रात करीब डेढ़ बजे फॉरेंसिक टीम नमूने एकत्र करने के लिए घर में घुसी। टीम को नमूने एकत्र करने में करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान फॉरेसिक टीम के दो सदस्यों ने घर के चप्पे-चप्पे पर छानबीन कर नमूने एकत्र किए।