मेडिकल काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष केतन देसाई से जुड़े मामले में एक आरोपी ने नोटबंदी के बाद घूस के दो करोड़ रुपयों को बैंक में जमा कराने का निर्देश सीबीआई को देने की मांग की है। सीबीआई ने 2010 में छापेमारी कर घूस के दो करोड़ रुपये बरामद किए थे।
सीबीआई ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा है कि घूस के नोट केस का एक अहम साक्ष्य हैं और अगर इन्हें बैंक में जमा करवा दिया गया तो उसका पूरा केस खराब हो जाएगा क्योंकि यह नोट अभी कोर्ट में पेश किए जाने हैं।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज गुरदीप सिंह ने एजेंसी के जवाब के बाद मामले में आरोपी केतन देसाई, पटियाला स्थित ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज केे आरोपी दो डॉक्टरों सुखविंद सिंह व कंवलजीत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सीबीआई ने घूस के नोट कथित बिचौलिये जेपी सिंह से 22 अप्रैल 2010 को बरामद किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने एक आरोपी के आग्रह पर केस की सुनवाई के बाद रोक लगा दी थी।
एजेंसी की चार्जशीट के मुताबिक एमसीआई के तत्कालीन अध्यक्ष देसाई ने मेडिकल कॉलेज में दाखिलों की अनुमति की एवज में अन्य आरोपियों के साथ घूस लेने की साजिश की थी
सीबीआई ने दावा किया था कि कॉलेज को अनुमति के लिए किए गए निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट की जानकारी लीक कर अपने पद का दुरुपयोग किया था। इन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।