ग्रेटर नोएडा जारचा थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ट्रांसपोर्टर की हत्या रंगदारी नहीं देने पर की थी। मृतक के मुनीम ने कहानी बनाई थी और उसको अंजाम पांच बदमाशों ने दिया था, जिनमें से एक हत्यारोपी 11वीं का छात्र है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे और एक बाइक बरामद की है।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी विनय जोशी मूलत: मुंबई के रहने वाले थे। जारचा के नरौली गांव में बिरला सीमेंट कंपनी में उनका दफ्तर था। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर से एक गैंग रंगदारी ले रहा था। जिसकी जानकारी उसके मुनीम चौना गांव निवासी हरेंद्र को भी थी।
कई माह तक उसने ही अपने दोस्तों से मिलकर रंगदारी मंगवाई थी। लेकिन ट्रांसपोर्टर नए बदमाशों के चंगुल में नहीं आ रहा था और रुपये देने से इनकार कर रहा था। बदमाश बार-बार उसे जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे, लेकिन ट्रांसपोर्टर ने बदमाशों की बात को गंभीरता से नहीं लिया था।
आरोप है कि वारदात के दिन हरेंद्र ने अपने दोस्तों को बताया कि ट्रांसपोर्टर अकेला है। सूचना मिलने पर नरौली निवासी उसका दोस्त और 11वीं का छात्र कुछ साथियों के संग विनय जोशी के दफ्तर पर पहुंचा और उससे फिर रंगदारी मांगी। लेकिन ट्रांसपोर्टर ने फिर इनकार कर दिया और आरोपियों को धमका दिया। उसी दौरान बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। मुनीम ने फोन से अपने दोस्तों को सूचना दी थी।
सीओ अनुज चौधरी ने कॉल डिटेल के आधार पर जारचा पुलिस के सहयोग से हरेंद्र को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाई, लेकिन यह जानकारी होने पर हरेंद्र पहले ही घर से भाग चुका था।
पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी तो पता चला कि मुनीम और उसका दोस्त दोनों किसी का इंतजार कर रहे हैं। सीओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तो दोनों बाइक से भाग लिए, लेकिन सीओ और थाना प्रभारी ने घेराबंदी करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया।