20 साल की नौकरानी से रेप के मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 70 साल के बुजुर्ग को सात साल कैद की सजा सुनाई है।
आरोपी ने उसकी उम्र के मद्देनजर नरमी बरतने का आग्रह किया था। अदालत ने आरोपी का आग्रह खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की उम्र के तहत उससे नरमी नहीं बरती जा सकती, आरोपी को यह कृत्य करने से पहले ऐसा सोचना चाहिए था।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आरोपी नरेंद्र मोहन मित्तल को दुष्कर्म धमकी देने का दोषी ठहराते हुए कहा कि अपराध एक बुजुर्ग ने किया है इसलिए इसकी गंभीरता बढ़ जाती है। अदालत ने दोषी को सात साल कैद के अलावा पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी की उम्र व खराब सेहत की दलीलें नरमी बरतने के लिए कोर्ट को प्रभावित नहीं कर पाईं। उसे अपने उम्र, सेहत व परिजनों के बारे में एक कृत्य करने से पहले सोचना चाहिए था।
अभियोजन के मुताबिक मित्तल ने अक्तूबर 2012 को घर में अकेली नौकरानी से दुष्कर्म किया था। उस समय आरोपी की पत्नी, बेटा व बहू घर पर नहीं थे। दुष्कर्म से पहले मित्तल कंप्यूटर पर गंदी मूवी देख रहा था। उसने नौकरानी से पानी मंगाया। जब वह उसके कमरे गई तो उसने दबोच लिया।
वारदात के बाद आरोपी घर को बाहर से ताला मारकर फरार हो गया। उसने फोन करके पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने नौकरानी दिलाने वाले एजेंट को फोन किया तब उसे मुक्त कराया गया।