जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने एक नाबालिग छात्रा को अगवा कर बंधक बनाने के बाद कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को सात साल कैद और 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत में पेश मामले के मुताबिक, एसजीएम नगर निवासी रवि ने इसी वर्ष 10 अप्रैल को थाना एसजीएम नगर में यह मामला दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी मीना (दोनों नाम बदले हुए) पलवल में अपने दादा-दादी के पास रहकर वहीं के एक स्कूल में पढ़ती थी। उसके पिता के पास एक बुलेरो गाड़ी है, जिस पर मथुरा निवासी हरपाल था। हरपाल को उसके पिता ने अपने ही मकान में एक कमरा रहने के लिए दिया हुआ था।
आरोप है कि हरपाल एक दिन बहाने से उसकी बेटी को अपने कमरे में बुला कर ले गया, जहां उसने मीना से दुष्कर्म किया। इसके बाद एक बार और मौका मिलने पर उसने मीना को अपनी हवस का शिकार बनाया। परीक्षा खत्म हो जाने पर छह अप्रैल को मीना एसजीएम नगर में उनके पास कुछ दिन रहने के लिए आ गई।
आठ अप्रैल को यहां पहुंच कर हरपाल ने मीना को फोन कर घर के बाहर बुला लिया और मथुरा के दशहरा गांव ले गया। जहां आरोपी लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लड़की को बरामद कर लिया।