आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने वाले सात आरोपियों को यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात नोएडा से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ को इनके पास से 27 लाख नकद, 16 मोबाइल फोन सहित कई इलेक्ट्रानिक सामान बरामद हुआ है।
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी काफी समय से सट्टा लगा रहे थे। आईपीएल के अलावा ये लोग सोने के दाम पर भी सट्टा लगाते हैं। खबर लिखे जाने तक एसटीएफ की कार्रवाई जारी थी।
गिरफ्तार सट्टेबाजों की पहचान नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित एमरॉल्ड कोर्ट निवासी रोहित गुप्ता, टीचर कॉलोनी बुलंदशहर निवासी अंकुर गोविल, कविनगर गाजियाबाद निवासी सैमुअल जैकब, सिविल लाइंस पंचशील कॉलोनी बुलंदशहर निवासी नीरज गुप्ता, प्रतापपुरा गली नंबर-2/2 वेस्ट पार्क गोरख पार्क शाहदरा दिल्ली निवासी अशोक गर्ग, चौधरी एंक्लेव संजय नगर गाजियाबाद निवासी राहुल चन्ना और कवीनगर गाजियाबाद निवासी आकाश विज के रूप में हुई है।
सट्टेबाजी के पैसे से बीएमडब्ल्यू कार खरीदा
एसटीएफ के एसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि रोहित गुप्ता मुख्य आरोपी है। वह एमरॉल्ड कोर्ट के पेंटहाउस में रहता है। इसके भूतल पर आरोपी का परिवार रहता है और पहली मंजिल पर रोहित गुप्ता सट्टे का कारोबार चला रहा था। रोहित गुप्ता भी मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला है।
छापेमारी के दौरान इनके पास से 27 लाख नकद, 16 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, दो डिब्बा (फोन लाइन), एक कैलकुलेटर, एक आईपैड, दो कॉर्ड लेस फोन और एयरटेल कंपनी का एक इंटरनेट डोंगल बरामद हुआ है। आरोपी रोहित गुप्ता काफी समय से सट्टेबाजी में लिप्त है। सट्टेबाजी के पैसे से उसने बीएमडब्ल्यू कार रखी है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ चल रही है। पूछताछ में कुछ और जानकारियां प्राप्त हो सकती हैं।
एसटीएफ के अनुसार प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों का रैकेट विदेशों तक फैला हुआ है। श्रीलंका सहित कुछ और देशों में भी आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाने की जानकारी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों के पास सट्टे की लाइन कहां से आ रही थी, इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।