खुद को बैंक अधिकारी बताकर साइबर अपराधियों ने खाते से आधार लिंक कराने का झांसा देकर दो लोगों के एटीएम कार्ड की पूरी जानकारी ले ली। इसके बाद दोनों के खाते से 50 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत सेक्टर-20 थाने में की, जहां से मामले को साइबर सेल भेज दिया गया। साइबर टीम मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-19, सी—ब्लॉक में पीके डालमिया सपरिवार रहते हैं।
उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को उनके मोबाइल पर राहुल वर्मा नामक एक शख्स ने फोन किया। उसने कहा कि वह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कस्टमर केयर ऑफिस देहरादून से बोल रहा है।
पीड़ित ने बताया कि पहले आरोपी ने उनके खाते की पूरी डिटेल उन्हें बताई। इसके बाद उनसे बोला कि उनके खाते में अपडेट आधार नंबर ब्लॉक हो गया है। नंबर फिर से लिंक कराना है।
ऐसे में वह अपने आधार कार्ड का नंबर बता दें। उन्होंने आधार कार्ड का नंबर बता दिया। पीड़ित का कहना है कि कुछ देर बाद उनके खाते से 42 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया गया। जब पीड़ित ने जांच पड़ताल की, तो पता चला कि पेटीएम के माध्यम से तीन बार में खाते से ट्रांजेक्शन किया गया है।
वहीं, बीते सोमवार को सुबह करीब 10:30 बजे परशुराम मांगराज के पास भी राहुल कुमार वर्मा नामक शख्स ने फोन किया। पीड़ित ने बताया कि राहुल ने कहा कि वह एसबीआई हेड ऑफिस एटीएम डिस्पैच मुंबई से बोल रहा है।
आपके खाते में अपडेट आधार नंबर ब्लॉक हो गया है। आपको फिर से आधार कार्ड का नंबर अपडेट कराना होगा, नहीं तो खाता हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। क्योंकि केवाईसी फार्म फिल करने की आज अंतिम तिथि है।
ऐसे में पीड़ित, आरोपी के झांसे में आ गया। आरोपी ने परशुराम के आधार कार्ड नंबर की डिटेल लेकर उसके खाते से आठ हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया।