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50 लाख की रंगदारी के लिए हुआ था अपहरण

Sat, 26 Sep 2015 12:45 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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फैक्ट्री मालिक अनिल मित्तल का अपहरण 50 लाख की रंगदारी के लिए हुआ था। रंगदारी की रकम लेने को आरोपी ने अपनी मां अंजू को फैक्ट्री मालिक के पास भेजने का प्लान था लेकिन पुलिस ने पहले ही मां को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी बाबू ने शुक्रवार सुबह फैक्ट्री मालिक को मैसेज भेजा, जिसमें लिखा कि ‘मैंने तुम्हें छोड़ दिया..तुम मेरी मां को छुड़वा दो।’ फोन पर भी धमकाया कि अगर समझौता नहीं किया तो गोली मार दूंगा।

एसएचओ कविनगर ने बताया कि अनिल मित्तल की तहरीर पर आरोपी बाबू के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बाबू की मां अंजू को भी रंगदारी वसूलने के मामले में आरोपी बनाया गया है।
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अनिल ने बताया कि लग्जरी कार में बाबू समेत चार बदमाश उसे अगवा कर डेढ़ घंटे घुमाते रहे। फिर कोलंबिया एशिया अस्पताल के पास छोड़ गए। आरोप है कि अप्रैल 2014 में भी बाबू ने उन्हें 7 लाख फिरौती लेकर छोड़ा था।

बृहस्पतिवार रात भी बाबू ने 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी। रकम देने का वादा करने के बाद ही उसे छोड़ा गया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बाबू पर अपहरण का शक होने पर उसके घर पुलिस ने दबिश दी, मां को हिरासत में लिया था। इससे बाबू घबरा गया।

पहले भी जेल जा चुका है बाबू, गढ़ में है लोकेशन
एसएचओ कविनगर ने बताया कि रंगदारी मांगने के मामले में बाबू पहले भी जेल जा चुका है। अब बाबू फैक्ट्री मालिक और उसके बेटे को कॉल कर उसकी मां को छुड़वाने का दबाव बना रहा है।

उसने चेतावनी दी कि रिपोर्ट दर्ज कराने से कोई फायदा नहीं है। पुलिस मुझसे 5-6 लाख रुपये लेकर छोड़ देगी, लेकिन इससे मेरी - तुम्हारी दुश्मनी बढ़ जाएगी। पुलिस का दावा है कि आरोपी की लोकेशन गढ़ क्षेत्र में मिल रही है।

अंजू बोली- बेटे के गलत कामों में मैं शामिल नहीं
अंजू ने बताया कि वह अनिल को नहीं जानती है। पुलिस से नाम पता चला है। बाबू पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने मुझे गिरफ्तार किया है।

अगर पहले भी बाबू ने उसका अपहरण कर रंगदारी वसूली थी तो अनिल चुप क्यों रहा। किसी का बेटा गलत काम में अपनी मां को भी शामिल करेगा क्या?

दहशत फैलाकर उद्यमियों से रंगदारी वसूलना चाहता है बाबू
अनिल ने बताया कि अपहरण के बाद आरोपी उसे मसूरी, पिलखुवा में घुमाते रहे। इस दौरान मसूरी नहर पर गाड़ी से निकालकर उन्हें गोली मारने की धमकी दी थी।

बाबू ने बताया था कि इससे उसका खौफ व्यापारियों में बढ़ जाएगा, जिसका उसे फायदा होगा। रंगदारी में वह उद्यमियों और कारोबारियों से मोटी रकम वसूलेगा।

बताया जा रहा है कि बाबू दुजाना गैंग से भी जुड़ा हुआ है। अप्रैल 2014 में अपहरण होने और फिरौती में सात लाख रुपये देने की घटना को अनिल ने पुलिस से छुपा लिया था।

्रसमय रहते अगर अनिल पुलिस को सूचना देते तो शायद दोबारा बाबू ऐसी हरकत नहीं करता। अनिल मित्तल ने बताया कि अप्रैल 2014 से अब तक बाबू उन्हें डरा धमकाकर 8 लाख रुपये वसूल चुका है।

बार बार रंगदारी की रकम देने से इंकार करने पर उसने 20 हजार रुपये की मंथली तय कर दी थी। हर माह 20 हजार रुपये वसूलने लगा था।

सिर्फ अनिल मित्तल से ही नहीं बल्कि कई अन्य उद्यमियों से भी अनिल रंगदारी वसूलता है। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल का कहना है कि ऐसी किसी भी घटना की शिकायत पीड़ित को पुलिस से करनी चाहिए।
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