वसंतकुंज(नार्थ) थाना पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे मेक इन इंडिया को हथियार बनाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कार चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने तिलक नगर में फर्जी कॉल सेंटर खोल रखा था।
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कॉल सेंटर के जरिए ये 50 से ज्यादा लोगों से 70 से 80 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। खास बात ये है कि आरोपियों ने मेक इंडिया सर्विस नाम से बैंक में खाता भी खोल रखा था। ये एकाउंट में पैसा एनईएफटी के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाते थे।
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चिन्यम बिश्वाल ने बताया कि वसंतकुंज में रहने वाले प्रवीण कुमार सेठी ने वसंतकुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष गगन भास्कर को शिकायत दी थी कि उसके पास नवंबर, 2016 में एक फोन आया था।
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फोन करने वाले ने खुद को सरकारी संस्था गवर्निंग बॉडी ऑफ इंश्योरेंस काउंसिल से बताया
file photo
- फोटो : अमर उजाला
फोन करने वाले ने खुद को सरकारी संस्था गवर्निंग बॉडी ऑफ इंश्योरेंस काउंसिल से बताया था। फोन करने वाले को उसकी इंश्योरेंस पुलिस के पास बारे में पूरी जानकारी थी। उसने शिकायतकर्ता को पॉलिसी का पैसा लौटाने को कहा।
इसके बदले प्रवीण कुमार सेठी से सर्विस फीस व सिक्यूरिटी फीस के नाम मेक इन इंडिया सर्विस व स्टेंडर्स सर्विस नाम से खोले गए बैंक खातों में करीब दस लाख रुपये जमा करा लिए गए। बाद में शिकायतकर्ता को ठगे जाने का अहसास हुआ। मामला दर्जकर थानाध्यक्ष गगन भास्कर की देखरेख में एसआई एसआई कुलदीप कुमार, मनीष यादव व हवलदार विकास की टीम ने तफ्तीश शुरू की।
पुलिस टीम ने जीपीएस व एलबीएस तकनीक का इस्तेमाल कर और मोबाइल सर्विलांस के जरिए मुखर्जी नगर, तिलक नगर में स्थित फर्जी कॉल सेंटर का पता लगाया।
इसकेपुलिस टीम ने चार आरोपी उत्तम नगर निवासी नवीन गुप्ता (24), विष्णु गार्डन निवासी सुनील शाह (24) तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी सुनील कपूर (30) और रिठाला निवासी सोनू शर्मा (22) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से तीन लाख रुपये, 20 प्रोगेम्मड मोबाइल, दो लैपटॉप, लैपटॉप केसाथ जुड़े दो मोबाइल फोन, 65 सिम बार्ड व बैंक का सामान बरामद किया गया है।
इस गिरोह का सरगना नवीन गुप्ता है। ये रिलायंस इंश्योरेंस में काम करता है। इसके तीन अन्य गिरफ्तारी साथी भी इंश्योरेंस सेंटर से जुड़े हुए हैं। इस कारण ये इंश्योरेंस का डाटा आसानी से एकत्रित कर लेते थे। इसके बाद ये उन लोगों को फोन करते जिनकी या तो इंश्योरेंस पॉलिसी खत्म हो गई हो या फिर ड्रॉप हो चुकी है।
ये लोगों को उनकी डूबी रकम को दिलवाने का झांसा देकर सर्विस व सिक्यूरिटी के नाम पर मोटी रकम जाम करवा लेते थे। जैसे ही रकम एनईएफटी के जरिए इनके खाते में आ जाती थी तो आरोपी रकम निकालकर गायब हो जाते थे।
ये किसी भी पीड़ित को अपने ऑल इंडिया फाइनेंसल सर्विसेज के नाम से तिलक नगर में खोल रखे कॉल सेंटर का पता नहीं देते थे। मेक इन इंडिया के नाम से पीड़ितों को आसानी से विश्वास हो जाता था। इन्होंने काल सेंटर में युवक व युवतियों को नौकरी पर रखा हुआ था। आरोपी करीब पिछले इस वर्ष से इसी तरीकेसे ठगी कर रहे थे।