ठगी के आरोप में पकड़े दोनों पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
चलन से बाहर हो चुके एक हजार और पांच सौ के 50.53 लाख रुपये कीमत के नोट बदलवाने आया दिल्ली का युवक लूट और ठगी का शिकार हो गया। दो ठग युवक का सारा धन लेकर फरार हो गए तो पुलिस वालों ने भी उससे 20 हजार रुपये छीन लिए और पुराने नोट रखने के जुर्म में जेल भेजने की धमकी देते हुए भगा दिया।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लूटी गई 50.53 लाख रुपये की रकम भी पुलिस ने दिल्ली से बरामद कर ली है लेकिन मुख्य आरोपी को नहीं गिरफ्तार कर पाई है।
देवेंद्र रावत सागरपुर नई दिल्ली में रहते हैं। उनके पास नोटबंदी की वजह से चलन से बाहर हुए एक हजार और पांच सौ के करीब 51 लाख रुपये कीमत के नोट थे। देवेंद्र के मुताबिक सेक्टर दो में रहने वाले जितेंद्र धनकड़ को पुरानी करंसी होने की बात बताई थी।
जितेंद्र ने एनआरआई खाता होने और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में अच्छी पैठ होने की बात कह पुराने नोट बदलवाने का दावा किया था। बात पक्की होने पर 28 फरवरी को देवेंद्र रावत 50.53 लाख रुपये लेकर सेक्टर दो में जितेंद्र धनकड़ के पास पहुंचा।
मामले की जानकारी देते डीसीपी बल्लभगढ़ भूपेंद्र जैन।
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जितेंद्र के साथ संदीप नाम का एक और व्यक्ति था। देवेंद्र के मुताबिक जितेंद्र धनकड़ और संदीप ने जैसे ही उससे रुपये लिए दो पुलिस वाले वहां पहुंच गए। एक ने खुद को हेडकांस्टेबल दिनेश कुमार और दूसरे ने एसपीओ देवेंद्र सिंह बताते हुए तीनों से पूछताछ शुरू कर दी।
जितेंद्र ने पकड़े जाने का डर दिखाया। पुलिस वालों ने उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाने का दबाव बनाया, वह पुलिस वालों से बातें कर रहा था इस दौरान जितेंद्र और संदीप उसके 50.53 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
आरोप है कि उनके जाने के बाद पुलिस वालों ने देवेंद्र के साथ अभद्रता शुरू कर दी। जेल भेजने का डर दिखा कर उनके 20 हजार रुपये छीन लिए और भगा दिया। उन्होंने दोनों पुलिस कमयों और जितेंद्र धनकड़ पर मिलीभगत कर उसके 50.53 लाख और 20 हजार रुपये लूटने का आरोप लगाते हुए शहर थाने में केस दर्ज कराया।
मामले की गंभीरता देखते हुए जांच एसीपी बल्लभगढ़ अमन यादव ने शुरू की। उन्होंने आरोपी हेडकांस्टेबल दिनेश कुमार और एसपीओ देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई।
एसीपी अमन कुमार ने बताया कि देवेंद्र कुमार से लूटी गई 50.53 लाख रुपये की पुरानी करंसी पुलिस ने छापा मार कर दिल्ली से बरामद कर ली है लेकिन जितेंद्र धनकड़ अभी नहीं पकड़ा जा सका है।
उन्होंने कहा कि जितेंद्र के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि वारदात में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत थी या नहीं। फिलहाल पुलिस वालों से पूछताछ की जा रही है।