केशवपुरम थाना पुलिस ने चेक का क्लोन तैयार कर 51 लाख रुपये निकालने वाले पांच ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से छह लाख रुपये, कंप्यूटर सिस्टम, चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट, कई फर्जी चेक, स्कार्पियो व हुंडई आईटेन कार मिली हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त विजय सिंह ने बताया कि एचडीएफसी के सीनियर मैनेजर वीरेंद्र सिंह ने 26 मई को केशवपुरम थाने में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। शिकायत में उसने बताया कि कुछ लोगों ने फर्जी चेक तैयार कर रोहिणी सेक्टर सात के रहने वाले संजय साप्रा के स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर में रुपये जमा करवाए हैं, जिससे रुपये निकाले जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि संजय रोहिणी सेक्टर 24 स्थित अपनेे मकान को रोहिणी सेक्टर तीन निवासी मनोज को बेचना चाहता था। मनोज ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर 51 लाख के कर्ज के लिए आवेदन दिया।
कुछ नियमों का पालन नहीं करने पर रोका चेक
एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
- फोटो : demo pic
उसके आवेदन को स्वीकार कर लिया गया और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने प्रॉपर्टी के मालिक संजय साप्रा के नाम से चेक तैयार कर दिया, लेकिन मनोज के कुछ नियमों के पालन नहीं करने पर चेक रोक दिया गया।
पुलिस ने छानबीन के दौरान बैंक के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और आरोपी बुध विहार निवासी अमीचंद, रोहिणी निवासी पुनीत, नजफगढ़ निवासी रमन, टैगोर गार्डन निवासी पंकज सचदेवा और मंडोली निवासी अजय कुमार को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक अजय गिरोह का सरगना है।
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि संजय साप्रा के पेन कार्ड के जरिये उन लोगों ने बैंक में फर्जी अकाउंट खुलवाए। इसमें फोटो अमीचंद का लगाया गया था। कुछ आरोपियों ने एलआईसी से चेक का फोटो करने के बाद अपने सहयोगियों के पास उसे भेज दिया। उसके बाद उस चेक से फर्जी चेक तैयार किया गया और फिर उस पर फर्जी हस्ताक्षर कर उसे अकाउंट में डालकर भुना लिया गया।