अप्रैल की शुरुआत में अलवर से कथित गोरक्षकों द्वारा एक शख्स की हत्या के बाद रविवार को राजधानी दिल्ली में गोरक्षा के नाम पर मारपीट का मामला सामने आया है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास ही कुछ लोग मिनी ट्रक में करीब दर्जनभर भैंस ले जा रहे थे जिनके साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की।
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि 3 लोग वैध बूचड़खाने के लिए भैंस ले जा रहे थे, जहां एनजीओ पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) के सदस्य पहुंच गए और दोनों गुटों में झड़प हो गई।
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भैंस ले जाते शख्स की हुई पिटाई
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस के अनुसार शनिवार रात करीब 11:45 बजे उन्हें फोन किया गया। जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्होंने देखा कि तीन युवकों के साथ मारपीट की गई है।
हालात का जायजा लेने के बाद पुलिस भैंसों से भरी मिनी ट्रक को अपने कब्जे में लेते हुए तीनों घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
पुलिस ने एनजीओ पीएफए के बारे में जानकारी देते हुए रविवार को कहा है कि यह गोरक्षक नहीं हैं। यह पीएफए नामक एनजीओ के सदस्य थे जो सालों से राजधानी में जानवरों के लिए काम कर रहे हैं।
जो तीन युवक भैंसे लेकर जा रहे थे उनके नाम रिजवान, आशु और कामिल बताया गया है। पुलिस के अनुसार एनजीओ के वॉलेंटियर्स ने किसी भी तरह की मारपीट से इनकार किया है।
एनजीओ का कहना है कि उनका गोरक्षकों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने ही पुलिस को फोन किया था और पुलिस ने आने में काफी देर कर दी। ट्रक में भैंसों को बुरी तरह ठुंसा गया था जिससे कुछ भैंसे मर भी गई थीं।
पुलिस ने बताया कि तीनों भैंस ले जार हे युवकों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। भैंस ले जाते मिनी ट्रक ड्राइवर रिजवान की ओर से मारपीट करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341, 34 के तहत मामला दर्ज कराया गया है।