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मर्सिडीज बेचने के नाम पर 23 लाख की ऑन लाइन ठगी

Thu, 06 Apr 2017 10:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दरियागंज दिल्ली का कारोबारी, क्विकर डॉट कॉम पर मर्सिडीज कार बेचने का विज्ञापन देखकर फंसा ठगों के जाल में 

- दरियागंज दिल्ली का कारोबारी, क्विकर डॉट कॉम पर मर्सिडीज कार बेचने का विज्ञापन देखकर फंसा ठगों के जाल में
-सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने 22 लाख कार के नाम पर और 75 हजार मुंबई से दिल्ली के ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के नाम पर ठगे
-रुपयों बैंक खातों पर में ट्रांसफर कराने के बाद भी आरोपियों ने नहीं भेजी मुंबई से दिल्ली कार
-दो लाख की और डिमांड करने लगे आरोपी, ठगी का अहसास होने पर की पुलिस से ठगी की शिकायतअमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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क्विकर डॉट कॉम पर मर्सिडीज कार खरीदने का विज्ञापन देखना दरियागंज के एक कारोबारी को काफी महंगा पड़ गया। पुरानी मर्सिडीज एसयूवी का फोन पर दो महिलाओं से 22 लाख में सौदा कर लिया गया।
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इसके अलावा करीब 75 हजार रुपये मुंबई से दिल्ली ट्रांसपोर्टेशन के भी चुका दिए गए। लेकिन 23 लाख रुपये आरोपियों को देने के बाद भी पीड़ित को कार नहीं मिली। आरोपी उससे दो लाख की और मांग करने लगे।

शक होने पर मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पीड़ित की शिकायत पर छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक पीड़ित मनीष पालटा परिवार के साथ दरियागंज इलाके में रहते हैं। इनका पालटा प्रोडक्ट के नाम से अपना कारोबार है। मनीष की मर्सिडीज खरीदने की तमन्ना थी।
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मर्सिडीज एमएल-550 को बेचने का विज्ञापन देखा

मर्सिडीज (प्रतीकात्मक च‌ित्र)
इसी को पूरा करने के लिए मनीष ने अगस्त 2016 में क्विकर डॉट कॉम पर पुरानी मर्सिडीज एमएल-550 को बेचने का विज्ञापन देखा। एसयूवी देखने के बाद मनीष ने क्विकर पर दिए हुए नंबर पर कॉल किया।

पूजा भट्ट नामक एक लड़की ने फोन उठाकर बताया कि कार उसकी मालकिन एम.एरिका की है। मनीष ने पूजा के जरिये एरिका से संपर्क किया और कार का सौदा कर लिया। कार का सौदा करीब 22 लाख रुपये में हुआ।

पूजा के कहने पर मनीष ने 31 अगस्त 2016 को मुंबई स्थित आईसीआईसीआई बैंक के खाते में चेक से 22 लाख रुपये डाल दिए। इधर एरिका ने मनीष से कहा कि उसे मुंबई से कार को ट्रासपोर्ट करने के लिए 75 हजार रुपये अलग से देने होंगे।

तीन सितंबर को एक अलग खाते में मनीष ने वह भी डाल दिए। लेकिन उसे कार नहीं मिली। दोनों पूजा और एरिका से संपर्क करने पर दोनों ने बताया कि कार को दिल्ली भेजने में आरटीओ ने आपत्ति जाहिर की है।

दो लाख रुपये और भेजने पर कार उसे भिजवा दी जाएगी। मनीष ने रुपये देने से मना कर दिया। इधर आरोपियों ने उसका फोन उठाना और ई-मेल का जवाब देना बंद कर दिया।

मनीष को समझते देर नहीं लगी कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। मामले की शिकायत पुलिस से की गई। छानबीन के बाद मंगलवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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