थाना सेक्टर-39 प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शाही ने बताया कि आरोपियों ने दो जून को राइटर्स सेफगार्ड प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम के कलेक्शन एजेंट प्रेम कुमार से नकदी लूटी थी। प्रेम कुमार बाइक से कंपनी के पीएसओ होशियार सिंह के साथ मौजूद था।
संगम विहार निवासी प्रेम कुमार उस दिन सेक्टर-18 स्थित मॉल ऑफ इंडिया के छह शोरूम, सेक्टर-18 के एक ज्वैलर्स, सेक्टर-32 के लॉजिक्स मॉल, जीआईपी मॉल और गार्डन गैलेरिया मॉल से कलेक्शन कर निकला था।
गार्डन गैलेरिया मॉल से निकलकर कलेक्शन एजेंट जैसी ही नाले के पास पहुंचा एक वैगनआर कार ने उसे टक्कर मारकर गिरा दिया था। इसके बाद पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट पर पिस्टल तान दी थी।
कई दिनों से कर रहे थे रेकी
पुलिस के अनुसार, आशु ने बाकी सदस्यों को प्रेम कुमार को लूटने के लिए सूचना दी थी। आशु की गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा कि उसे प्रेम कुमार के बारे में किसने जानकारी दी थी। आशु की सूचना पर आरोपी सात-आठ दिन से प्रेम कुमार की रैकी कर रहे थे। दो-तीन दिन पहले भी बदमाशों ने जीआईपी मॉल के पास प्रेम कुमार को लूटने का प्रयास किया था। उस दिन चारों बदमाश दो बाइक से थे। इस वजह से वह प्रेम कुमार को रोक नहीं सके। घटना वाले दिन आशु अपनी कार लेकर आया और टक्कर मारकर वारदात को अंजाम दिया।
दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड से हुई पहचान
लूट के बाद बदमाशों की धरपकड़ के लिए नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया। दिल्ली पुलिस ने अपने यहां के बदमाशों का रिकॉर्ड (डॉजियर) दिया। प्रेम कुमार ने डॉजियर में से दो बदमाशों की फोटो देखकर पहचान कर ली थी।