दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर नशे के दो सौदागरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार किलो हेरोइन बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हेरोइन की खेप यूपी के बरेली होकर मणिपुर से आती थी और दिल्ली व पंजाब जाती थी।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, सेल में तैनात इंस्पेक्टर अत्तर सिंह व जितेन्द्र तिवारी की टीम को दो जुलाई को सूचना मिली कि यूपी के मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक गिरोह के सदस्य हेरोइन की खेप लेकर दिल्ली आए हुए हैं। एसआई बिजेन्द्र, प्रवीण व संदीप की टीम ने बीकानेर स्वीट्स, मादीपुर में घेराबंदी की और नशे के दो सौदागरों शाहजहांपुर (यूपी) निवासी नईम अली (28) और सुल्तानपुरी (दिल्ली) निवासी दिनेश खानगर उर्फ राहुल (22) को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चार किलो हेरोइन, सात मोबाइल व कुछ सिम बरामद किए गए।
नईम ने पूछताछ में बताया कि वह हेरोइन की खेप बरेली (यूपी) से लेकर आया था। यहां पर सरकार ने कुछ समय के लिए अफीम की खेती पर पाबंदी लगा दी थी। दर्द निवारक दवा बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता था। इस कारण दूसरे रूट से हेरोइन आने लगी थी। यहां से पंजाब व दिल्ली जाती थी। इनके मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों से भी संबंध हैं। इंस्पेक्टर अत्तर सिंह की टीम इस वर्ष में अभी तक 21 किलो हेरोइन बरामद कर चुकी है।
नईम पंजाबी बाग इलाके में वर्ष 2002 से जूते बनाने की फैक्टरी चलाता था। इस व्यवसाय में उसे घाटा हो गया था। इस दौरान वह मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले तैमूर खान के संपर्क में आया। तैमूर के कहने पर वह मादक पदार्थों की सप्लाई करने लगा। उसने हेरोइन सप्लाई करने के लिए दिल्ली में अपना नेटवर्क बनाया। ये पिछले एक वर्ष से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। नईम के कहने पर पानी की बोतल बनाने वाला राहुल भी मादक पदार्थों की सप्लाई करने लगा।