एक निजी बैंक की शाखा खुलवाने के नाम पर शातिरों ने शिक्षक के चेक में हेराफेरी कर एक करोड़ नौ लाख रुपये हड़प लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित परिवार ने सीओ से गुहार लगाई है। सीओ ने निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मूलरूप से असालतनगर गांव निवासी सुनील त्यागी गांधी कालोनी में रहते हैं। वह नगर के एक इंटर कॉलेज में शिक्षक है। पिछले वर्ष उनके परिवार की जमीन करोड़ों में बिकी थी। सुनील के मुताबिक, अगस्त माह में उनके परिवार की मुलाकात एक व्यक्ति से हुई।
व्यक्ति ने गांधी कालोनी में परिवार के खाली प्लॉट में एक निजी बैंक की शाखा खुलवाने की बात कहीं। इस पर सुनील ने अपने भाई अनिल त्यागी से संपर्क किया और व्यक्ति के साथ मिलकर दिल्ली स्थित उसी निजी बैंक में जीरो बैलेंस पर खाता खोला जिसकी शाखा लगवाने के सपने दिखाए गए थे।
अनिल त्यागी ने शातिर के कहने पर दिल्ली स्थित बैंक में खोले गए खाते में एक करोड़ नौ लाख रुपये भी आरटीजीएस (बैकिंग प्रक्रिया) के जरिए मुरादनगर स्थित बैंक के अपने खाते से उसमें जमा करा दिए थे।
वहीं शाखा खुलवाने के लिए तय कमीशन के नौ लाख रुपये के चेक शातिर को सौप दिए गए थे। पीड़ित अनिल त्यागी का कहना है कि शातिर ने चेकों में हेराफेरी कर दिल्ली स्थित उसके खाते से एक करोड़ नौ लाख रुपये निकाल लिए हैं।
खास बात यह है कि बैंक प्रबंधन ने इतनी बड़ी रकम की निकासी करते वक्त खाताधारक को सूचित करना भी गंवारा नहीं समझा। धोखाधड़ी का खुलासा होने पर शिक्षक परिवार ने सीओ से गुहार लगाई। सीओ के निर्देश पर मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कर मुरादनगर पुलिस जांच शुरू कर दी है।