एसीपी ने बताया कि इसकी गलत आदतों की वजह से पत्नी ने भी उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह खेकड़ा के गांव गोठरा में जाकर रहने लगा। यहां इसे रुपये कमाने का आईडिया सूझा और उसने दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की पांच वर्दी बनवा लीं। गांव के लोगों को उसने बताया कि वह दिल्ली पुलिस में दरोगा है।
घर से वर्दी पहनकर बाइक पर निकलता था आरोपी
आरोपी ने दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर की पांच वर्दी बनवा रखीं थीं। गांव के लोगों को उसने बताया कि वह दिल्ली पुलिस में दरोगा है। वह घर से वर्दी पहनकर बाइक पर निकलता था और लोनी, ट्रॉनिका सिटी, लोनी बॉर्डर व इन से सटे दिल्ली के आसपास के थानों में अपने एक साथी के साथ मिलकर विवादित संपत्तियों के मामलों की जानकारी करता था। इसके बाद दोनों पक्षों को डरा-धमकाकर निपटारा करने लगा। इसके एवज में वह अवैध वसूली करता था।
विवादित संपत्ति मालिकों को दिखाता था रौब
पुलिस के मुताबिक योगेश का डील-डौल अच्छा है। इसी का फायदा उठाकर उसने फर्जी दरोगा बनने का फैसला किया। उसने दिल्ली पुलिस का फर्जी परिचय पत्र भी बनवा लिया था। जरूरत पड़ने पर वह उसे दिखाकर न सिर्फ विवादित संपत्तियों के मालिकों पर रौब झाड़ता था, बल्कि कभी मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी दबाव बनाता था।