अदालत ने आरोपपत्र में आरोपी के रूप में नामित दो आरोपियों अजीत कुमार जैन और सुनील कुमार जैन को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी। अदालत ने कहा ईडी ने जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और अब उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन और अन्य को नामजद करते हुए चार्जशीट दायर की थी।
ईडी ने आरोपपत्र में सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन, वैभव जैन, अंकुश जैन, अजीत प्रसाद जैन और सुनील जैन सहित चार निजी फर्मों को आरोपी बनाया गया है। अभियोजन पक्ष की शिकायत में उपर्युक्त आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धाराओं के तहत उल्लंघन का आरोप है।
ईडी ने छह जून को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में विभिन्न स्थानों पर किए गए अपने दिन भर के छापे के दौरान सत्येंद्र जैन के सहयोगियों से 2.85 करोड़ नकद और 1.80 किलोग्राम वजन वाले 133 सोने के सिक्के जब्त करने का दावा किया था। एजेंसी ने इन छापों के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए थे।
ईडी ने तब कहा कि कुल चल संपत्ति एक अस्पष्ट स्रोत से जब्त की गई थी और छापेमारी परिसर में गुप्त रूप से पाई गई थी। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 24 अगस्त 2017 को दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
सीबीआई ने 3 दिसंबर 2018 को सत्येंद्र कुमार जैन, पूनम जैन, अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ चार्जशीट दायर की। चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि सत्येंद्र जैन ने 14 फरवरी 14 से 31 मई 2017 की अवधि के दौरान दिल्ली सरकार में एक मंत्री के रूप में पद धारण करते हुए संपत्ति अर्जित की थी जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी।
सीबीआई ने सत्येंद्र कुमार जैन और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध करने का आरोप लगाया है। जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में ईडी ने अप्रैल में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत निजी फर्म कंपनियों के स्वामित्व वाली 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क करने के बाद जैन को गिरफ्तार किया था।
ईडी को फटकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी कंपनियों के साथ जैन के नाम का गलत उल्लेख करने के लिए ईडी के आरोप पत्र पर भी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा जैन न तो कंपनियों में निदेशक है और न ही उनसे जुड़े है। अदालत ने चार्जशीट में फोटोकॉपी देने के लिए संघीय एजेंसी को भी फटकार लगाई। अदातल ने सवाल उठाया कि सिर्फ नाम से कंपनियां कैसे सत्येंद्र जैन की हो गई।
कोर्ट ने कहा कि क्या ईडी पहली बार आरोपपत्र दायर कर रही है। अदालत ने कहा सत्येंद्र का नाम मात्र लेने से कंपनी उसकी नहीं हो जाएगी। अदालत ने जांच अधिकारी के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा क्या जांच अधिकारी जो चाहे कुछ भी लिख सकते हैं। क्या क्या ऐसे दस्तावेजों के जरिए अदालत जांच करेगी। ईडी की और से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि वह जिन कंपनियों का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है, उन्हें रिकॉर्ड में लाने के लिए संशोधित ज्ञापन दायर किया जाएगा। इसके अलावा मूल दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे।
सतेन्द्र जैन की अंतरिम जमानत पर सुनवाई 20 अगस्त तय
अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली सरकार में मंत्री सतेन्द्र जैन की अंतरिम जमानत पर सुनवाई 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
राउज एवन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल के समक्ष जैन की अंतरिम जमानत पर आज सुनवाई थी। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के लोक नायक अस्पताल में चिकित्सकीय जांच पर विचार करने पर रोक लगा दी है। ऐसे में सुनवाई की जाए।
अदालत ने हाईकोर्ट के निर्देश और वहां सुनवाई की अगली तारीख 17 अगस्त को ध्यान में रखते हुए जैन की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई 20 अगस्त को तय की है।