भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के खिलाफ याचिका दायर करने पहुंचे दिल्ली के आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती को गलत स्पेलिंग लिखना भारी पड़ गया। बांसुरी स्वराज के विरूद्ध सोमनाथ भारती द्वारा दायर चुनाव याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा चुनावी याचिका गलतियों से भरी है। पहले ठीक कर के लाओ फिर देखते हैं। दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि जो आदमी सोमनाथ भारती वकील होते हुए एक याचिका ढंग से नहीं लिख सकता है वो अच्छा जनप्रतिनिधि कैसे बन पायेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका में वर्तनी संबंधी अशुद्धियों के चलते भारती को याचिका फिर से लिखकर लाने के लिए कहा है। भारती ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बांसुरी स्वराज के निर्वाचन को भ्रष्ट आचरण के आधार पर चुनौती दी है। सोमवार को मामले सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने सोमनाथ भारती की याचिका में कई गलतियां देखीं, इसे लेकर उन्होंने सोमनाथ भारती की फटकार लगाई और सुनवाई 13 अगस्त के लिए टाल दी।
जस्टिस आरोड़ा ने कहा कि आपकी याचिका में सिर्फ गलतियां हैं। इस याचिका पर नोटिस जारी नहीं किया जा सकता। क्योंकि, इसमें कुछ समझ नहीं आ रहा है। इसके साथ ही जस्टिस अरोड़ा ने कहा कि याचिका में जिन प्रतिवादियों का जिक्र है, वह पक्षकारों की सूची से मेल नहीं खाता है। पहले याचिका को ठीक करना इसके बाद ही नोटिस जारी किया जाएगा। भारती ने याचिका में कहा था कि निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सोमनाथ भारती को 3,74,815 वोट मिले जबकि स्वराज को 4,53,185 वोट मिले। दोनों नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़े थे और स्वराज को विजेता घोषित किया गया।
भाजपा का आप के वकीलों पर कटाक्ष
प्रदेश भाजपा ने आम आदमी पार्टी के वकीलों पर कटाक्ष किया है। कहा है कि अब साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अदालती कार्यवाही में अपने पार्टी के नेताओं पर क्यों भरोसा नहीं जताते है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आप विधायक सोमनाथ भारती ने अदालत में चुनाव याचिका सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए दायर किया है।
उच्च न्यायालय की प्रतिकूल टिप्पणियों ने दिखा दिया है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में असफल रहे सोमनाथ भारती न तो एक अच्छे जनप्रतिनिधि हैं और न ही एक सक्षम अधिवक्ता। अदालत उनके मसौदे के निम्न स्तर को देखकर हैरान हैं। यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के वकीलों की मदद नहीं लेकर कांग्रेस पार्टी के वकीलों की मदद लेते हैं।