यह आदेश जेजे एक्ट के सेक्शन 77 और 74 के तहत दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने द्वारका में हाल ही में हुए एसयूवी दुर्घटना के 17 साल के नाबालिग आरोपी की पहचान मीडिया और अन्य संस्थाओं के सामने उजागर न करने का आदेश दिया है। हादसे में 23 साल के युवक की जान चली गई थी। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने यूनियन ऑफ इंडिया, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया समेत संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक नाबालिग का नाम, चेहरा या कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्रकाशित न करें। यह आदेश जेजे एक्ट के सेक्शन 77 और 74 के तहत दिया गया। नाबालिग के पिता की याचिका में कहा गया था कि मीडिया लगातार उनके बेटे की पहचान दिखा रही थी, जिससे परिवार को खतरा महसूस हो रहा था। हालांकि कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पत्रकारिता और प्रेस की आजादी पर पूरी रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट ने कहा कि मीडिया को नियंत्रित करना जरूरी है, लेकिन कोई ऐसा गैग ऑर्डर नहीं दिया जा सकता, जो प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रभाव डाले। न्यायमूर्ति ने यह भी कहा कि निजी संस्थाओं के खिलाफ रिट पिटीशन में पूर्ण रोक संभव नहीं है।