-हाईकोर्ट ने कहा डिजिटल अरेस्ट एक गंभीर साइबर फ्रॉड, अग्रिम जमानत की राहत नहीं दी जा सकती
-गंभीर अपराधों में हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के एक गंभीर साइबर फ्रॉड में एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की है। अदालत ने कहा कि देशभर में तकनीक का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों से पैसे ऐंठने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी में शामिल था और पूरे मॉडस ऑपरेंडी तथा बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए उसकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने टिप्पणी की, सुप्रीम कोर्ट ने जाली न्यायिक दस्तावेजों के आधार पर डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया है। वर्तमान एफआईआर के शिकायतकर्ता को उस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेपकर्ता के रूप में सहायता करने की अनुमति दी गई है।