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Brij Bhushan Singh: बृजभूषण शरण को कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, यौन शोषण मामले में हुए थे पेश

Tue, 18 Jul 2023 02:49 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी।
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भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को 20 जुलाई तक अंतरिम जमानत दे दी। आरोपी विनोद तोमर को भी अंतरिम जमानत मिल गई। उनकी नियमित जमानत पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।

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राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल के समक्ष अभियोजन पक्ष ने जमानत पर आपत्ति नहीं जताई। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा, डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को गिरफ्तार नहीं किया गया। हम उनकी जमानत का विरोध नहीं करेंगे बशर्ते वे वे गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे। न्यायाधीश जसपाल ने सात जुलाई को सिंह और डब्ल्यूएफआई के निलंबित सहायक सचिव विनोद तोमर को समन जारी किया था।

अदालत ने उसी दिन सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र पर भी संज्ञान लिया था। अदालत ने कहा था कि पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के साक्ष्य है। आरोपी सिंह के खिलाफ छह महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायतों के आधार पर, पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी।
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दिल्ली पुलिस ने गत 15 जून को राउस एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। आरोपियों में बृजभूषण के अलावा भारतीय कुश्ती संघ के सहायक सेक्रेटरी विनोद तोमर का नाम भी शामिल है। महिला पहलवानों ने दोनों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया है।

दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दाखिल करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354A, 354D लगाई थी। आईपीसी की धारा 354 में अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है और यह एक गैर जमानती धारा है। आईपीसी की धारा 354A के तहत अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान है और यह एक जमानती धारा है। आईपीसी की धारा 354D में पांच साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है जबकि यह धारा जमानती धारा है। 

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