नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक अधिकारी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि मामले में सह-आरोपी तीस हजारी कोर्ट के अहलमद विकास भारती को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। ऐसे में आरोपी रेनू सोनी को इस स्तर पर राहत देने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने आरोपी महिला की दुधमुंहे बच्चे की देखभाल के तर्क को ये कहकर खारिज कर दिया कि इसके लिए अन्य पारिवारिक सदस्य उपलब्ध हैं। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई से औपचारिक जवाब मिलने के बाद तथ्यों की सत्यता का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी रेनू सोनी ने अंतरिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी कि उनका दुधमुंहा बच्चा अभी माता के दूध पर निर्भर है। आरोप है कि दोनों ने उत्तम नगर निवासी राकेश अग्रवाल से उसकी संपत्ति ध्वस्तीकरण पर रोक लगवाने के लिए रिश्वत की मांग की थी। संवाद