दिल्ली एम्स के वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ डॉ. संजय राय ने कहा कि तीसरी लहर से कोरोना का वेरिएंट ओमीक्रॉन लगातार रूप बदल रहा है, लेकिन भारत में इसका प्रभावी रूप देखने को नहीं मिला। देश में अधिकतर लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं, जिससे उनमें हर्ड इम्युनिटी बन चुकी है, जो नए वेरिएंट से लड़ने में प्रभावी है। हालांकि कोरोना के सभी वेरिएंट की निगरानी करना महत्वपूर्ण है। वर्तमान परिदृश्य में वायरस के कारण हमें किसी गंभीर समस्या का सामना करने की आशंका नहीं दिखती।
15 जनवरी के बाद तेजी से घटने लगेंगे मामले
जीटीबी अस्पताल के निदेशक डॉ. सुभाष गिरी ने कहा कि हर्ड इम्युनिटी और वैक्सीनेशन के कारण लोगों की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावी है। अस्पताल में कोरोना के लक्षण के साथ बड़ी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। उनकी कोरोना जांच भी की जा रही है, लेकिन जांच में बहुत कम संख्या में पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं। हम उम्मीद कर सकते हैं कि 15 जनवरी तक यह मामले तेजी से घटने शुरू हो जाएंगे।
टीकाकरण पर एक नजर दिल्ली-एनसीआर में हुए
दिल्ली
पहली डोज 1,82,91,276
दूसरी डोज 1,57,08,590
एहतियात डोज 33,63,942
गुरुग्राम
पहली डोज 27,57,763
दूसरी डोज 24,72,501
एहतियात डोज 4,90,520
फरीदाबाद
पहली डोज 21,74,795
दूसरी डोज 18,20,837
एहतियात डोज 1,90,087
गौतमबुद्ध नगर
पहली डोज 23,36,719
दूसरी डोज 18,76,273
एहतियात डोज 4,08,586
गाजियाबाद
पहली डोज 34,38,544
दूसरी डोज 33,98,386
एहतियात डोज 8,15,225