एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त तारिक थॉमस ने माना कि राजेंद्र नगर हादसा दिल्ली नगर निगम की नाकामी है। दिल्ली की बसावट में ढेर सारे ढांचागत मुद्दे हैं, इनको बेहतर करने की जरूरत है। थॉमस के मुताबिक, इस मामले में किसी तरह की बहानेबाजी नहीं चल सकती। नगर निगम को अपना काम बेहतर तरीके से करना चाहिए। थॉमस बुधवार को राजेंद्र नगर में हादसे के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से बातचीत कर रहे थे।
छात्रों की ओर से उठाए गए मुद्दों का जवाब देते हुए तारिक थॉमस ने अपनी गलती मानी। थॉमस ने कहा कि यह घटना हम सभी की साझी और उनकी अपनी निजी नाकामी है।
उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि यह नहीं होना चाहिए था। एक अधिकारी के रूप में विफलता है कि यह घटना घटी। दूसरी तरफ ठोस समाधान से जुड़े एक सवाल पर थॉमस ने कहा कि जांच चल रही है। इसको पूरा होने देते हैं। दिल्ली की बसावट में कई सारे ढांचागत मसले हैं। मास्टर प्लान की अपेक्षा से कहीं ज्यादा तेजी से यहां की आबादी में बढ़ोतरी हुई।
आतिशी भी धरना स्थल पर पहुंचीं
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने भी राजेंद्र नगर में छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार की ओर से सभी जरूरी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के
साथ है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों की मनमानी और अनियमितताओं को रोकने के लिए केजरीवाल सरकार ''कोचिंग इंस्टिट्यूट रेगुलेशन एक्ट'' लाएगी और कानून ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया में 10 छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। वहीं, कानून नहीं बनने तक स्थानीय विधायक के कार्यालय में छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए कार्य किया जाएगा और मेयर फंड से सभी कोचिंग हब्स में सरकारी लाइब्रेरी व रीडिंग रूम बनाए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री आतिशी व एमसीडी के आयुक्त से मिला छात्रों का प्रतिनिधिमंडल
प्रदर्शन करने वाले छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को शिक्षा मंत्री आतिशी व एमसीडी के आयुक्त अश्वनी कुमार से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने कोचिंग संस्थानों में जरूरी बुनियादी सुविधाओं की कमी, ज्यादा फीस, मनमाना किराया वसूलने समेत दूसरी समस्याओं से अवगत कराया। छात्रों ने हादसे में जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों के लिए सरकार के प्रस्तावित कानून पर सुझाव भी दिया। दिल्ली सचिवालय में छात्रों से मुलाकात के समय आतिशी के साथ मंत्री गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, मेयर शैली ओबरॉय, विधायक दिलीप पांडेय सहित दिल्ली सरकार और एमसीडी के अधिकारी मौजूद थे।