ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में डूबने से तीन छात्रों की मौत के मामले में गिरफ्तार बेसमेंट के चार सह-मालिकों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई टल गई। राउज एवेन्यू कोर्ट की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने चारों आरोपी की ओर से पेश वकील की दलीलें सुनने के बाद वकील को 12 अगस्त को अपनी दलीलें पूरी करने का आदेश दिया। वहीं, सीबीआई के वकील ने चारों आरोपी की जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया। इन आरोपियों में परविंदर सिंह, तजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह शामिल हैं।
बेसमेंट के चार सह-मालिकों ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि यह घटना ईश्वरीय कृपा थी, जिसे नगर निकायों द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करने पर टाला जा सकता था। आरोपियों परविंदर सिंह, तजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह ने मामले में जमानत मांगते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष यह दलील दी।
चारों आरोपियों के वकील ने न्यायाधीश से कहा कि यह ईश्वरीय कृपा थी जो घटित हुई और इसे टाला जा सकता था यदि नगर निकायों ने अपने कर्तव्यों का पालन किया होता, जिसे करने में वे बुरी तरह विफल रहे। वकील ने दलील दी कि बेसमेंट कोई पुस्तकालय नहीं था, बल्कि कक्षाओं से पहले छात्रों के लिए प्रतीक्षा क्षेत्र था।
एमसीडी ने छह बेसमेंट को किया सील
एमसीडी ने शुक्रवार को भी बेसमेंट में चल गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की। उसने दक्षिणी जोन और नजफगढ़ जोन में भवन उप नियमों का उल्लंघन करने के मामले में छह संपत्तियों में बेसमेंट सील किए। दक्षिणी जोन के गौतम नगर क्षेत्र में पांच बेसमेंट को सील किया गया। इनमें अवैध रूप से लाइब्रेरी चल रही थी। वहीं नजफगढ़ जोन के ककरौला में प्ले स्कूल के एक बेसमेंट को सील कर दिया गया। इसके अलावा एमसीडी ने सभी जोन में बेसमेंट में नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों और अन्य संपत्तियों की पहचान करने के लिए सर्वे भी किया।