सीएम ने कहा कि ज्ञानवापी के अंदर भौतिक और अन्य पुरातात्विक साक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आप इतिहास को तोड़-मरोड़ सकते हैं लेकिन ऐतिहासिक सबूतों को नहीं, वहां की दीवारें हकीकत बयां कर रही हैं। मुझे लगता है कि मुस्लिम पक्ष को स्वीकार करना चाहिए कि ऐतिहासिक गलती हुई है और उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए।
हमें विकास के बारे में बात करनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मुस्लिम समुदाय से अपील करेंगे कि 'आज हमें विकास के बारे में बात करनी चाहिए। पाकिस्तान की दुर्दशा हम सब देख सकते हैं, जो दूसरों का बुरा चाहेंगे, वे स्वयं कष्ट सहेंगे। आज पाकिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, वह उनके किए का ही नतीजा है। आज पाकिस्तान भुखमरी से परेशान है और अपनी करतूतों से जूझ रहा है, इसलिए हमें अपनी पिछली गलतियां नहीं दोहरानी चाहिए'।
देश संविधान से चलेगा, मत और मजहब से नहीं
इस दौरान एक और अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, मत और मजहब से नहीं। देखिए मैं ईश्वर का भक्त हूं, लेकिन किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता हूं। आपका मत, आपका मजहब, अपने तरीके से होगा, अपने घर में होगा। अपनी मस्जिद, अपने इबादतगाह तक होगा। सड़क पर प्रदर्शन करने के लिए नहीं और इसको आप जो है किसी भी अन्य तरीके से दूसरे पर थोप नहीं सकते। नेशन फर्स्ट। अगर देश में किसी को रहना है तो राष्ट्र को सर्वोपरि मानना है, अपने मत और मजहब को नहीं।