मुख्यमंत्री ने कहा-महिलाओं की भागीदारी से प्रदूषण नियंत्रण और पब्लिक ट्रांसपोर्ट हो रहा मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में कुछ हफ्तों के भीतर 5 लाख से ज्यादा सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड बनने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं की भागीदारी को सराहा है। इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। दिल्ली सरकार की यह योजना 2 मार्च को शुरू हुई थी, जिसमें महिलाओं, लड़कियों और ट्रांसजेंडर नागरिकों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त और अनलिमिटेड यात्रा की सुविधा दी जा रही है। लॉन्च के कुछ हफ्तों बाद ही 5 लाख से ज्यादा महिलाओं ने कार्ड बनवा लिया है। मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को इसपर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि महिलाओं ने ये संदेश दिया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है। इससे न सिर्फ बसों का इस्तेमाल बढ़ेगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी। ये कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) फ्रेमवर्क पर आधारित है। इसमें क्यूआर कोड, फोटो और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और गलत इस्तेमाल पर रोक लगती है। सीएम ने कहा है कि इस पहल से तीन बड़े फायदे हैं। पहला, ज्यादा लोग बसों का उपयोग करेंगे तो ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम होंगे। दूसरा, डीटीसी बसें महिलाओं के लिए यात्रा का भरोसेमंद साधन बन रही हैं। तीसरा, महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है।