नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग और नागरी लिपि परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर नागरी दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी ने गंभीर और देवनागरी लिपि के विकास पर अपने विचार रखे। जामिया हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीरज कुमार ने कहा कि देवनागरी लिपि को बढ़ावा देने हेतु यह आयोजन ऐतिहासिक कदम हैं। नागरी लिपि परिषद् के अध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद पातंजलि ने कहा कि देवनागरी लिपि के विकास में सबसे बड़ी रुकावट रोमन लिपि है। डिजिटल माध्यमों में हमें केवल देवनागरी लिपि का ही प्रयोग करना चाहिए। ब्यूरो