बताया गया है कि बैग हाउजे ग्रेनो स्थित चीन की मोबाइल कंपनी में नौकरी करता था। वर्ष 2022 में चीन डिपोर्ट कर दिए जाने के बाद वह टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आया। वहां से बस में सवार होकर महाराजगंज बाॅर्डर के रास्ते फिर से ग्रेटर नोएडा आकर अवैध रूप से रहने लगा। आरोपी की पूर्व में फर्जी पहचान पत्र से पासपोर्ट बनवाने के मामले में जेल भेजे गए अकबर अली व रोशन से मोबाइल चैट पर कई बार बात हुई थी। आरोपी ने आदि शर्मा नाम का एडिट कर और अपना फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड व पासपोर्ट बना लिया था। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली पासपोर्ट दफ्तर के बाहर सक्रिय एक एजेंट और उससे सांठ-गांठ करने वाले कर्मचारियों को तलाश रही है।
बिना वीजा के रह रहे चीन के दो और नागरिक पकड़े
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 थाना पुलिस ने एलआईयू की मदद से बिना वीजा रहे रहे दो चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों को डिपोर्ट करने के लिए दिल्ली भेजा है। बीटा-2 थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों की पहचान डेंग चोनकोन और मेंग शोगुओ के रूप में हुई है। दोनों ग्रीन वुड्स सोसाइटी में रह रहे थे। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों के वीजा की अवधि पूरी हो चुकी है। दोनों को दिल्ली के आरकेपुरम स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। दोनों ग्रेनो में एक फैक्ट्री में नौकरी कर रहे थे।