गिरोह सरगना आकाश कुमार जैन की टेलीग्राम एप के जरिये चीन के साइबर ठगों से बातचीत हुई तो उन्होंने करंट बैंक खातों का इंतजाम करने के लिए कहा। आकाश को पूरी योजना बताकर मोटे कमीशन का लालच दिया गया।
इसके बाद आकाश ने बैंक खाते खुलवाने के लिए गिरोह तैयार किया। उसने खाताधारकों के नाम से फर्जी शैल कंपनियां बनाकर 150 करंट खाते खुलवाए और हर माह 500 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन करवाया। ठगी की रकम में कुछ कमीशन खाताधारकों को देकर मोटा पैसा आकाश रख लेता था।
पुलिस के अनुसार, कमल से 31.55 लाख ठगी की जांच करते हुए पुलिस को एक चेन का पता चला, जिसमें 500 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ। आकाश ने बताया कि वह दो वर्षों से बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम को ठिकाने लगा रहा था।
चीन में बैठे ठग उससे बैंक खाते का संचालन लेते थे। खाताधारकों को किसी भी होटल में रुकवा दिया जाता था। ऐसा इसलिए किया जाता था, ताकि करोड़ों की रकम ट्रांसफर होने पर खाताधारक दूसरी जगह न भेज दे। जब तक खाता चलता रहता था, खाताधारक को होटल में ही रहने के लिए बाध्य किया जाता था।
यहां दो लोग उनकी निगरानी करते थे। इस दौरान फोन भी चलाने की इजाजत नहीं होती थी। काम पूरा होने के बाद खाताधारक को कमीशन देकर भेज दिया जाता था। पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।