मामला दर्जकर रोहिणी साइबर थाना प्रभारी अजय दलाल की देखरेख में एसआई प्रवीण नरवाल, एसआई मनीष कुमार व हवलदार मोहित की टीम ने जांच शुरू की। आरोपी ने जिस मोबाइल नंबर से फोन किया उसकी डिटेल खंगाली गई। ये भी पता लगा कि नो ब्रोकर एप्लीकेशन से पीड़ित के खाते से पैसे ट्रांसफर किया गया है।
आखिरकार इंस्पेक्टर अजय दलाल की टीम ने जालसाजी करने वाले एक गिरोह के सदस्य सेक्टर-14 द्वारका निवासी प्रवीण (29) को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह में करीब चार से पांच सदस्य हैं। गिरोह में हर सदस्य का काम अलग होता था। आरोपी प्रवीण ने बताया कि वह एसबीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को डाटा हिमांशु से लेता था। आरोपी हिमांशु फरार है। उसके पकड़ में आने के बाद ही पता लगेगा कि उसे एसबीआई क्रेडिट कार्ड बैंक के ग्राहकों का डाटा कैसे मिलता था।
आरोपी ऐसे करते थे ठगी
ये एसबीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को डाटा एकत्रित एक उन्हें कॉल करते थे। आरोपी उन्हें या तो क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या फिर क्रेडिट कार्ड के खरीददारी के समय एकत्रित हुए बोनस पाइंट को कैश कराने की कहते थे। पीड़ित जब हां कर देता था आरोपी पीड़ित को एक लिंक भेजते थे और उसे में डिटेल भरवाते थे। पीड़ित जैसे ही लिंक को क्लिक करता था उसका फोन हैक हो जाता था और कंट्रोल आरोपी के पास चला जाता था। इसके बाद जो ओटीपी आता था वह आरोपियों के पास भी जाता था। उस ओटीपी का इस्तेमाल कर आरोपी पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेते थे। शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि ये 200 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं।