पटियाला हाउस कोर्ट ने चैतन्यानंद सरस्वती से जुड़े छात्राओं छेड़छाड़ मामले में तीन महिला आरोपियों श्वेता, भावना और काजल को जमानत दे दी है। जिसके तहत प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर रिहा किया गया है।
चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर लिया संज्ञान
पटियाला हाउस कोर्ट ने बीते बृहस्पतिवार को आरोपी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दायर दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र पर संज्ञान लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेश कुमार ने आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों में से एक धारा पर पुलिस से सफाई मांगी थी, जिसे अतिरिक्त लोक अभियोजक ने स्पष्ट किया।
उन्होंने बताया था कि अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान सरस्वती ने एक एएसआई पर उनके ऊपर हाथ उठाने का आरोप लगाया। वह तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। ऐसे में अदालत ने सुनवाई 29 नवंबर के लिए तय की थी।
मामले में आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती समेत पांच को आरोपी बनाया गया। साथ ही, 1077 पन्नों की चार्जशीट में 43 गवाह हैं। सरस्वती पर एक निजी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की 17 फीमेल स्टूडेंट के यौन उत्पीड़न का आरोप है।
आगरा से पकड़ा गया था आरोपी चैतन्यानंद
क्राइम ब्रांच ने 27 सितंबर की रात आगरा के एक होटल से चैतन्यानंद को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दिल्ली के एक निजी प्रबंधन संस्थान के पूर्व चेयरमैन रहते हुए उसने 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की। प्राथमिकी के अनुसार, वह छात्राओं को देर रात अपने क्वार्टर में बुलाता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। इतना ही नहीं, आरोपी ने सीसीटीवी एप के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर निगरानी भी रखता था।