हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री
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केंद्र की दिल्ली में सेंट्रल विस्टा के पुनर्निर्माण योजना को लेकर कई वास्तुशास्त्रियों और कार्यकर्ताओं की ओर से जताई गई आपत्ति के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि परियोजना में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है। उन्होंने कहा कि जिस वास्तुकार को चुना गया है उसने कई विशेषज्ञों और नगर योजनाकारों से परामर्श किया गया है।
पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यकर्ताओं की ओर से दायर दो याचिकाओं को लेकर किए गए सवालों पर यह टिप्पणी की। बता दें कि कई विरासत और वास्तुशास्त्र विशेषज्ञों ने प्रस्तावित पुनर्निर्माण योजना पर सवाल उठाए हैं।
मंत्री ने कहा कि परियोजना में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई है। विमल पटेल ने पहले कई संपादकों और नगर योजनाकारों के साथ बैठक की और उसके बाद भी कई अन्य लोगों और नगर योजनाकारों के साथ बैठक की। इसके बाद पत्रकारों के साथ बैठक की गई।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने यह चिंता जताई कि धरोहर इमारतों को गिराया जाएगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री ने कहा, ‘‘हमने दिखाया कि प्रमुख धरोहर इमारतें पूर्व की तरह अपने स्थान पर ही रहेंगी।
बता दें कि गुजरात की वास्तुशिल्प कंपनी एचसीपी डिजाइन को केंद्र की इस महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। अहमदाबाद की इस कंपनी ने साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना सहित कई परियोजनाओं को पूरा किया है।