नई दिल्ली। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत सप्ताहोत्सव 2026 के तहत संस्कृत कर्मयोगी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने संस्कृत में अपना परिचय दिया। इसके अलावा गीत, स्तुति और श्लोक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आरजी मुरली कृष्ण ने कहा कि संस्कृत को केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे दैनिक जीवन और कार्यस्थल के व्यवहार में भी शामिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कृत बोलने की शुरुआत रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सरल शब्दों और छोटे वाक्यों से की जा सकती है। कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठात्री प्रो. लीना सक्करवाल, आदर्श योजना प्रभारी प्रो. कुलदीप शर्माए परियोजना अधिकारी डॉ. विजय दधीच कार्यक्रम संयोजिका डॉ. अमृता कौर और सह-संयोजक डॉ योगेंद्र दीक्षित ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। ब्यूरो