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CBI Raids: जम्मू-कश्मीर एसआई भर्ती घोटाले में सीबीआई का जम्मू, श्रीनगर समेत 36 जगहों पर छापा

Wed, 14 Sep 2022 12:25 AM IST
विजय पुंडीर एएनआई, जम्मू और कश्मीर

सार

सीबीआई जम्मू-कश्मीर के एसआई भर्ती घोटाले के सिलसिले में जम्मू, श्रीनगर, हरियाणा के जिलों, गांधीनगर, गाजियाबाद, बेंगलुरु, दिल्ली सहित 33 स्थानों पर तलाशी ले रही है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को देशभर के छह  राज्यों में 36 ठिकानों पर छापा मारा। प्रदेश के सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) के पूर्व चेयरमैन, परीक्षा नियंत्रक, जम्मू पुलिस लाइन में तैनात डीएसपी के घरों पर कार्रवाई की गई।

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जिन लोगों के घरों पर छापे पड़े, उनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री ताराचंद का पीआरओ, तीन पुलिस कांस्टेबल, तीन सीआरपीएफ कर्मचारी तथा एक सरकारी शिक्षक शामिल है। टीम ने हरियाणा के तीन स्थानों रेवाड़ी, करनाल व मोहिंदरगढ़, गुजरात में गांधीधाम, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो जगहों, दिल्ली में एक, कर्नाटक के बंगलूरू शहर में एक और जम्मू-कश्मीर में 25 जगहों पर दबिश दी। सीबीआई की टीमों ने इन लोगों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप से कई तरह की जानकारी हासिल की है। सीबीआई ने उक्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद कार्रवाई की है।

सीबीआई के अनुसार जम्मू के गांधी नगर में रहने वाले जेकेएसएसबी के पूर्व चेयरमैन खालिद जहांगीर, बनतालाब में रहने वाले पूर्व कंट्रोलर अशोक कुमार, आरएस पुरा के गांव सिद्दड़ा के रहने वाले और इस समय जिला पुलिस लाइन में तैनात डीएसपी केडी भगत, पुलिस कांस्टेबल रमन शर्मा, कांस्टेबल केवल कृष्ण उर्फ विक्की व कांस्टेबल सुनील पगोत्रा, सीआरपीएफ कर्मी अमित कुमार शर्मा निवासी अखनूर, सीआरपीएफ कर्मी पवन शर्मा व सीआरपीएफ कांस्टेबल सुनील शर्मा, कटड़ा के नारायणा के रहने वाले शिक्षक जगदीश कुमार, पूर्व उपमुख्यमंत्री के पीआरओ रहे विजय, भर्ती में दलाली का काम करने वाले राकेश कुमार, थोड़ू राम एंड संस के घरों पर दबिश दी गई है। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी में चार्टर्ड अकाउंटेंट अजय कुमार अरोन के घर पर भी कार्रवाई की गई। 
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क्या है पूरा मामला
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) की तरफ से जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर के 1200 पदों पर 27 मार्च 2022 को परीक्षा ली गई थी। इसमें 90 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे। चार जून को परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। परिणाम घोषित होते ही अनियमितताओं की बात सामने आई। 10 जून को सरकार ने इस मामले की जांच कराने के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी ने इस भर्ती को रद्द करने की सिफारिश की। परीक्षा में भारी गड़बड़ी को देखते हुए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सीबीआई को जांच के लिए सिफारिश की। 

पांच अगस्त को सीबीआई ने इनके यहां दी थी दबिश
सीबीआई ने इस मामले में 33 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर 5 अगस्त को जम्मू में 28 स्थानों पर छापेमारी की थी। श्रीनगर और बंगलूरू में एक-एक जगह छापा पड़ा। यह सीबीआई की पहली कार्रवाई थी। पांच अगस्त को डॉ. करनैल सिंह- चिकित्सा अधिकारी, बीएसएफ, अशोक कुमार- एएसआई, अश्विनी कुमार- पूर्व सीआरपीएफ अधिकारी, अविनाश गुप्ता-एडुमैक्स क्लासेस अखनूर के मालिक, अक्षय कुमार- अखनूर में कोचिंग के प्रबंधक, रोशन ब्राल- शिक्षक, नारायण दत्त- जम्मू और कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और एसएसबी के तत्कालीन सदस्य, बिशन दास- जम्मू और कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के तत्कालीन अपर सचिव, अंजू रैना-  जेकेएसएसबी की तत्कालीन अनुभाग अधिकारी व बंगलूरू की एक निजी कंपनी के यहां कार्रवाई की गई थी।  

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कब हुई थी भर्ती परीक्षा
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने 27 मार्च को सब इंस्पेक्टर के 1200 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी, जिसका परिणाम चार जून को जारी किया गया है। 97 हजार युवाओं ने भर्ती की लिखित परीक्षा दी थी। रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया में वायरल पोस्ट में कुछ अभ्यर्थियों को मिले अंक पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद प्रदेशभर में इसमें जांच के लिए प्रदर्शन हुए।

एलजी ने दस जून को दिए थे धांधली की जांच के आदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10 जून को भर्ती में धांधली की जांच के आदेश दिए थे। सरकार तक यह बात पहुंच चुकी थी कि भर्ती में धांधली हुई है। परीक्षा के लिए पेपर लीक हो गया। इसके लिए बड़े स्तर पर पैसे के लेनदेन की बात भी सामने आई। उपराज्यपाल ने गृह सचिव आर के गोयल, कानून विभाग के सचिव अचल सेठी और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मनोज द्विवेदी को समिति में शामिल किया।

कब रद्द हुई भर्ती परीक्षा
जांच की रिपोर्ट आने के बाद भर्ती परीक्षा को आठ जुलाई को रद्द कर दिया गया और इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

कई राज्यों में प्रतिबंधित है एसआई भर्ती करने वाली कंपनी
सब इंस्पेक्टरों की भर्ती मामले में भर्ती करने वाली एजेंसी को ठेका देने पर एसएसबी सवालों के घेरे में है। एजेंसी को कई राज्यों और विभागों ने प्रतिबंधित कर रखा है, बावजूद इसके कंपनी को एसएसबी ने बिना नियमों में बदलाव किए भर्ती का ठेका दे दिया। 

जानकारी के अनुसार भर्ती कंपनी को ऑयल एवं नेचुरल गैस कारपोरेशन की ओर से प्रतिबंधित किया जा चुका है। पीजीआई भी ऐसा कर चुकी है, जबकि झारखंड सरकार भी ऐसा कर चुकी है। कंपनी द्वारा भर्ती में सही काम न करने को लेकर ऐसा किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सबकुछ जानते हुए भी लिखित परीक्षा से लेकर आवेदन तक लेने के लिए कंपनी को जिम्मा दिया गया। 

एसआई भर्ती की धांधली के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि जिस भर्ती कंपनी को जिम्मा दिया गया है, उसका रिकॉर्ड पता होने के बाद भी भर्ती का ठेका क्यों दिया गया। इसकी सीबीआई को गहनता से जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी कंपनी से भर्ती करवाई जाए तो उसका रिकॉर्ड देखकर ही भर्ती कराई जाए।
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