एटलस साइकिल के पूर्व अध्यक्ष सलिल कपूर खुदकुशी मामले में नई दिल्ली जिले की तुगलक रोड थाना पुलिस ने मंगलवार शाम को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी सोनीपत, हरियाणा के चार फाइनेंसरों के खिलाफ दर्ज की गई है। सुसाइड नोट में पूर्व अध्यक्ष सलिल कपूर ने सोनीपत के इन चारों फाइनेंसर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। पूर्व अध्यक्ष ने खुदकुशी के लिए पिस्टल में तीन गोलियां लोड की थीं। पिस्टल से एक ही गोली चली है। दो गोलियां पिस्टल में मिल गई हैं।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व अध्यक्ष सलिल कपूर ३, डाॅ.एपीजे अब्दुल कलाम लेन में रहते थे। उनका पत्नी से तलाक हो चुका है। वह दुबई में रहती है। उनके तीन बच्चे दो लड़के व एक लड़की हैं। सभी डिफेंस कॉलोनी में रहते हैं। सलिल कपूर यहां पर अपने मैनेजर सुमित सैनी के साथ रहते थे। सुमित का परिवार भी उनके साथ रहता है। ये लोग ही पूर्व अध्यक्ष की देखभाल करते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय मैनेजर पहली मंजिल पर था।
उन्हें माली ने गोली चलने की जानकारी दी। जब वह नीचे आए तो सलिल कपूर लहूलुहान पड़े हुए थे। पुलिस को मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर सोनीपत के चार फाइनेंसरों प्रवीण, संदीप, तवन और मोहन टूटेजा के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि बुधवार शाम तक इस मामले में न तो किसी की गिरफ्तारी हो सकी थी और न ही किसी को हिरासत में लिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह शान की जिंदगी जीते थे। अब फाइनेंसर उन्हें अपने पैसे के लिए परेशान कर रहे थे। ऐसे में उन्हें बेइज्जत होने का डर सता रहा था।
फाइनेंसर को देने थे एक करोड़ रुपये-
सलिल कपूर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सोनीपत के फाइनेंसर प्रवीण, संदीप तवन व मोहन टूटेजा पैसे के लिए परेशान कर रहे थे। पूर्व अध्यक्ष ने इन फाइनेंसरों से एक करोड़ से ज्यादा का उधार ले रखा था। अब ये लोग अपना पैसा वापस मांग रहे थे। सलिल कपूर पैसे देने की हालात में नहीं थे। इस कारण वह बहुत ज्यादा तनाव में आ गए थे।
फाइनेंसर ने बिल साइन करा लिया था
पूर्व अध्यक्ष ने खुदकुशी करने से पहले सुसाइड नोट में लिखा है कि सोनीपत के फाइनेंसर मोहन टूटेजा ने उनसे जबरदस्ती व धमका कर एक बिल पर हस्ताक्षर करा लिए हैं। ऐसे में पुलिस इस बिल को लेकर तफ्तीश(विचार) न करे। ये उससे जबरदस्ती करवाई गई हैं।
तफ्तीश नारकोटिक्स को सौंपी गई-
इस हाईप्रोफाइल खुदकुशी मामले में मंगलवार रात को तुगलक रोड़ थाने में दर्ज की गई थी। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त देवेश महला ने मामले की जांच को तुगलक रोड़ थाना पुलिस से लेकर जिले में हाल ही बने नारकोटिक्स सेल को सौंप दी गई हैं।