दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) सुरेंद्र सिंह यादव भी मानते हैं कि काले शीशों वाली कारों का इस्तेमाल स्टेट्स सिंबल बन रहा है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ऐसी कारों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है।
राजधानी में काली फिल्म लगी कारों के इस्तेमाल का क्रेज अब स्टेट्स सिंबल बनता जा रहा है। ये पैशन महिलाओं की सुरक्षा व आपराधिक वारदातों को रोकने में बाधा बन रहा है। काली फिल्म लगी कार के अंदर क्या हो रहा है यह पता नहीं लग पाता है।
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दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) सुरेंद्र सिंह यादव भी मानते हैं कि काले शीशों वाली कारों का इस्तेमाल स्टेट्स सिंबल बन रहा है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ऐसी कारों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के दौरान ये बात सामने आई है कि सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदशनशील माने जाने वाले आईजीआई एयरपोर्ट के पास काली फिल्म लगी कारें सबसे ज्यादा घूमती हैं।
पिछले कई वर्षों से आईजीआई एयरपोर्ट काली फिल्म लगी पकड़े जाने वाली कारों की टॉप-़़10 की सूची में शामिल रहता है। वर्ष 2023 में एक जनवरी से लेकर 31 मार्च तक टिंटेड ग्लास वाली 4348 कारों का चालान किया गया। इसी अवधि में वर्ष 2021 में 1884 और 2022 में 1295 कार मालिक को चालान किया गया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आईजीआई एयरपोर्ट व दक्षिण दिल्ली में काली फिल्मी लगी सबसे ज्यादा कारें घूमती है और यहीं सबसे ज्यादा पकड़ी जाती हैं।
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आईजीआई एयरपोर्ट तो पिछले कई वर्षों से काली फिल्म लगी पकड़े जाने वाली कारों की टॉप-10 सूची में शामिल रहता है। वर्ष 2023 में आइजीआई एयरपोर्ट पांचवें स्थान पर रहा। यहां पर काली फिल्म लगाकर चलने वाली 182 कारों का चालान किया गया। वर्ष 2022 में आठवें स्थान पर, वर्ष 2021,2020 व 2019 में पांचवें और वर्ष 2019 में पहले स्थान पर रहा।
100 रुपये जुर्माना लगता है
काली फिल्म लगाकर चलने वाले चालकों को पकड़े जाने पर 100 रुपये का चालान किया जाता है। मौके पर कार के शीशों से काली फिल्म को भी हटा दिया जाता है। अगर चालक बार-बार इस अपराध को दोहराता है तो चालान राशि को 100 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया जाता है। साल 2019 में 1.30 लाख कारों से 2.64 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
ये है नियम
नियमों के तहत कार के आगे व पीछे के शीशों की पारदर्शिता 70 फीसदी होनी चाहिए। कार की खिड़कियों की शीशों की पारदर्शिता 50 प्रतिशत होनी चाहिए। धूप से बचने के लिए कार निर्माता कंपनी ही नियमों के आने वाली काली फिल्म लगाती है।
काली फिल्म लगाना इसलिए मना है
आपराधिक गतिविधियों को रोकना
बदमाश वारदातों के लिए कार के शीशों पर काली फिल्म लगाते हैं
सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए
ट्रैफिक पुलिस की सहायता के लिए
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस समय-समय पर शीशों पर काली फिल्म लगाकर कार चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाती है। महिलाओं की सुरक्षा व आपराधिक वारदातों को रोकने के लिए ये अभियान चलाया जाता है। हाल के दिनों में यह देखने में आया है कि काली फिल्म लगाकर कार चलाना स्टेट्स सिंबल बनता जा रहा है। -सुरेंद्र सिंह यादव, दिल्ली ट्रैफिक के विशेष पुलिस आयुक्त
वर्ष 2022 व 2023 में शुरुआती तीन महीने में यहां सबसे ज्यादा चालान किए गए