सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के नाम पर फिलहाल दिल्ली के निजी स्कूल अभिभावकों से बढ़ी हुई फीस नहीं वसूल सकेंगे। फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब शिक्षा निदेशालय ने बढ़ी फीस नहीं वसूलने का आदेश दिया है।
यह आदेश स्कूलों व अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने के लिए दिया गया। वहीं, स्कूलों ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। बीते दिसंबर दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के उस सर्कुलर पर रोक लगा दी थी जिसमें स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट दी गई थी। इस फैसले से उन अभिभावकों को तो राहत मिली जिन्हें इसकी जानकारी मिली।
लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे अभिभावक हैं जिन्हें कोर्ट के फैसले की जानकारी ही नहीं है। ऐसे में उपशिक्षा निदेशक (पब्लिक स्कूल ब्रांच) योगेश प्रताप की ओर से मंगलवार को एक आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि शिक्षा निदेशालय के आदेश पर अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट ने रोक लगाई है।
सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूल सातवें वेतन आयोग के नाम पर फीस बढ़ा कर नहीं वसूलेंगे। उल्लेखनीय है कि अक्तूबर में शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सातवें वेतन आयोग के नाम पर 7.5 से लेकर 15 फीसदी तक फीस बढ़ाने की छूट दी थी।
निजी स्कूल कोर्ट का रुख करेंगे
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन अध्यक्ष आर.सी जैन ने बताया कि स्कूल कोर्ट का रुख करेंगे। एक स्कूल के अभिभावकों की ओर से डाली गई याचिका के आधार पर फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने का फैसला आया है। हमारा पक्ष बिल्कुल नहीं सुना गया। ऐसे में अपना पक्ष रखने के लिए ही कोर्ट जाएंगे।