भारत में वर्तमान मीडिया किस्मों से भरा है। वह बाजार, प्रतिस्पर्धा और प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित है। जानकारी की बाढ़ के साथ हमें स्मार्ट मीडिया उपभोक्ताओं की जरूरत है। यह चुनौती है जिसका सामना हम आज कर रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने यह बातें कहीं। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म स्कूल का उद्घाटन करने पहुंचे उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में प्रेस ने लोकतंत्र और उसके संस्थानों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बता दें कि, दिल्ली विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के अंतर्गत पांच वर्षीय जर्नलिज्म पाठ्यक्रम की अनौपचारिक शुरुआत सितंबर में हो गई थी। बतौर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति ने स्कूल का उद्घाटन बृहस्पतिवार को विधिवत रूप से किया।
इस अवसर पर डीयू समकुलपति प्रो. जे. पी. खुराना, सोशल साइंस फैकल्टी डीन प्रो. जे. पी दुबे, व स्कूल की ओएसडी डा. मनस्विनी एम योगी उपस्थित रहे। जर्नलिज्म स्कूल के एडवायजरी काउंसिल के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने उपराष्ट्रपति का स्वागत करते हुए जोर दिया कि यह पाठ्यक्रम दुनिया भर में पत्रकारिता के अन्य पाठ्यक्रमों से काफी अलग है।
उपराष्ट्रपति ने एक डिजिटल पट्टिका और द्विभाषीय न्यूज लैटर का भी उद्घाटन किया। उपराष्ट्रपति ने उभरते पत्रकारों को जर्नलिज्म का एक मंत्र भी दिया जिसमें जर्नलिज्म शब्द समाहित है। इस मंत्र के अंतर्गत उन्होंने जर्नलिज्म में समाहित प्रत्येक शब्द को समझाया।