निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग (ईडब्ल्यूएस-डीजी) वर्ग की 25 फीसदी सीटों पर नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले की रेस शुरू हो गई।
हालांकि पहले दिन ही ईडब्ल्यूएस व डीजी वर्ग के अभिभावक ऑनलाइन फॉर्म के फेर में उलझे नजर आए। फॉर्म में सुधार करने की जानकारी पता न होने से उन्हें खासी परेशानी हुई। हेल्पलाइन पर भी उन्हें सही जानकारी नहीं मिली।
नर्सरी दाखिले के लिए शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। निदेशालय ने पहले ही एक से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन करने पर फॉर्म रद्द करने की बात कही है।
एक अभिभावक के मुताबिक, उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म में दाखिले के लिए स्कूलों की प्राथमिकता गलत भर दी। अब वह उसमें कुछ बदलाव करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं कि कैसे बदलाव करना है।
इसकी जानकारी के लिए उन्होंने निदेशालय की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी जवाब नहीं मिला। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि डीजी वर्ग के अंतर्गत मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए अपर एज नहीं है, लेकिन फॉर्म में 3 से 5 वर्ष वाले बच्चों के अभिभावक फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इस वर्ग के कुछ अभिभावकों को कंप्यूटर की जानकारी के अभाव में भी परेशानी उठानी पड़ी।
समाधान होना चाहिए
एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने कहा कि उनकी फोरम पर ईडब्ल्यूएस अभिभावक फॉर्म भरने में हो रही परेशानी की बात कर रहे हैं। खासकर फॉर्म में सुधार करने की जानकारी उन्हें कहीं से नहीं मिल पा रही है। हेल्पलाइन पर उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए।