हाईकोर्ट ने सरकार को उन 76 बच्चों का भी निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है, जिनके लिए मामले की पिछली सुनवाई पर आदेश दिए गए थे।
इससे पहले, याचिकाकर्ता संगठन की ओर से अधिवक्ता ने खंडपीठ को बताया कि निजी स्कूलों में नर्सरी की खाली सीटों पर दाखिला कराने के आदेश का पालन नहीं किया गया है।
सरकार की ओर से अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की पढ़ाई का समुचित माहौल है। खंडपीठ ने कहा है कि जब निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें खाली हैं तो सरकार सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए नहीं कह सकती।
सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के इन बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए त्वरित कदम उठाए। मामले की सुनवाई अब 17 जनवरी को होगी।