किताबें, पांडुलिपियां, पत्रिका, जर्नल, जिन्हें पाने के लिए आप नजदीकी लाइब्रेरी के बारे में सोचते हैं, ये सब अब आपको एक माउस क्लिक पर मिलेगा। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर (एमओसी) के लिए नेशनल वर्चुअल लाइब्रेरी बनाने जा रही है।
यह जानकारी इग्नू के कुलपति प्रो. रविंद्र कुमार ने मंगलवार को शुरू हुई पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन के मौके पर दी। कार्यशाला लाइब्रेरी बिल्डिंग कैपिसिटी प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई है।
कुुलपति ने कहा कि इस लाइब्रेरी में सिर्फ किताबें नहीं, बल्कि किसी म्यूजियम और उसमें मौजूद आर्टवर्क की 3डी इमेज भी देख पाएंगे। इग्नू एमओसी के नेशनल मिशन ऑफ लाइब्रेरी के तहत यह वर्चुअल लाइब्रेरी बनाएगा।
इस वर्चुअल लाइब्रेरी को बनाने में आईआईटी बांबे और सी-डैक भी इग्नू के साथ काम करेंगे। तीनों मिलकर कला और संस्कृति पर आधारित इस नेशनल वर्चुअल लाइब्रेरी को अंतिम रूप देंगे।
इस लाइब्रेरी में देशभर की सांस्कृतिक विरासत, कला, परंपराओं, म्यूजियम, आर्ट वर्क और उस पर हुए रिसर्च जर्नल, पांडुलिपियों समेत सभी सामग्रियों को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इग्नू के लिए यह सबसे बड़ा काम है कि वह विभिन्न सोर्स के माध्यम से इन विरासतों को एकत्रित कर उसे वर्चुअल लाइब्रेरी में शामिल करेगा। इग्नू इस दिशा में काम कर रहा है। बताते चलें कि इग्नू में चल रही वर्कशॉप में लाइब्रेरी बनाने को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
इसमें शामिल लोगों को लाइब्रेरी को कैसे विकसित करें। सूचना का आदान-प्रदान किस तरह ऑटोमेटिव सॉफ्टवेयर के जरिये हो। इसके बारे में बताया जा रहा है। यह कार्यशाला नेशनल मिशन लाइब्रेरी के तहत आयोजित की गई है।