20वीं केके लूथरा मूट कोर्ट प्रतियोगिता
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दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर (सीएलसी) में शुक्रवार को 20वीं केके लूथरा मूट कोर्ट प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट के कई जज और देश-विदेश के 72 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय कार्यक्रम में वकालत की बारीकियों के बारे में सिखाया जाएगा।
इवेंट में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस हिमा कोहली ने कहा कि जब आप कानून कार्यालयों और वरिष्ठ वकीलों के चैंबर में इंटर्नशिप के लिए जाएं तो अपनी आंखें और कान खुले रखें। स्पंज बनो और जितना हो सके सिखने की लालसा रखें।
उन्होंने आगे कहा कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ रहना सीखें। सफलता वेतन, पद या डिग्री से नहीं मापी जाती, बल्कि वकीलों का लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी खुशियों से मापी जाती है। कड़ी मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि अगर कानूनी पेशे में उनका कोई रिश्तेदार या दोस्त नहीं है तो वे निराश न हों। आज की स्थिति के विपरीत, जब मैंने 1980 के दशक में अपना करियर शुरू किया था, तब इस पेशे में बहुत कम महिलाएं थीं। लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का कोई विकल्प नहीं है।