नालंदा, बिहार के रहने वाले 12 वर्षीय अंश कुमार, 15 वर्षीय विशाल और 13 साल के कृष्ण कुमार एक मई को गांव से पांच किलोमीटर दूर हिलसा स्टेशन पर चले गए। दिल्ली की ओर जाने वाली मगध एक्सप्रेस यहां रुकी तो तीनों मस्ती करने के लिए इसमें सवार हो गए। अंश के पिता मिंटू कुमार ने बताया कि ट्रेन तभी चल पड़ी और तीनों उससे नीचे नहीं उतर पाए। दो मई को गाजियाबाद स्टेशन पर वह तीनों उतर गए।
यहां अकेले परेशान घूमते देख एक एनजीओ के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बुलाया और पूछताछ की। किशोरों ने उन्हें पूरी कहानी बताई। उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें गांधी नगर स्थित शेल्टर होम में भेज दिया और उनके परिजनों को फोन कर सूचना दे दी गई। गुरुवार को उनके परिजन गाजियाबाद पहुंचे और सीडब्ल्यूसी ने किशोरों को उनके सुपुर्द कर दिया।