उन्होंने मंदिर तोड़ने की मांग की थी। इसकी वजह से मंदिर बनाने वाली रेणु देवी और कमल के बीच कई बार विवाद हुआ था। पुलिस ने रेणु देवी को जांच में शामिल होने का नोटिस दिया, लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रही थी। इस बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले सभी आरोपी आई 20 कार से हिमाचल प्रदेश भाग गए हैं। पुलिस टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची, लेकिन संदिग्ध पुलिस टीम को चकमा देते रहे। तकनीकी जांच से मिले साक्ष्य के आधार पर रेणु को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि मृतक ने उसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की थीं इसलिए उसने कमल की हत्या की साजिश रची।
10 लाख में हुआ था सौदा
उसने सचिन के साथ दस लाख में सौदा तय किया। उसे हथियार खरीदने के लिए 60 हजार रुपये दिए और बाद में बाकी रकम देने की बात कही। सचिन ने सुमित, भरत और रोहित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हिरासत में मौजूद रेणु के जरिए आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने पांचवें आरोपी सौरव त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।